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प्रश्न
'मेरी कल्पना का आदर्श समाज' पाठ के आधार पर लिखिए कि किन तीन दृष्टियों से मनुष्य समान नहीं होते?
लघु उत्तर
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उत्तर
मनुष्य की असमानता को तीन मुख्य दृष्टियों से समझा जा सकता है।
- शारीरिक वंश परंपरा: यह जैविक रूप से माता-पिता से मिलने वाले गुणों पर आधारित होती है।
- सामाजिक उत्तराधिकार: इसमें माता-पिता द्वारा दिए गए सामाजिक परंपराएँ, रीति-रिवाज, कल्याण की कामना और वैज्ञानिक ज्ञान शामिल हैं, जिनसे सभ्य समाज को जंगली समाज की अपेक्षा विशेषता प्राप्त होती है।
- मनुष्य के अपने प्रयास: इन व्यक्तिगत प्रयत्नों से व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करता है।
इन तीनों पहलुओं को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि मनुष्य सभी मामलों में समान नहीं है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
