Advertisements
Advertisements
प्रश्न
माटी वाली गरीब जरूर है पर उसके चरित्र में जीवन मूल्यों की कमी नहीं है। उसकी चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताइए कि आप उससे कौन-कौन से जीवन मूल्य अपनाना चाहेंगे?
Advertisements
उत्तर
माटी वाली गरीब महिला है। वह अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संघर्षरत है। उसका चरित्र प्रेरणादायी है। उसके चरित्र की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- माटी वाली अत्यंत परिश्रमी महिला है। वह सुबह से शाम तक परिश्रम करती रहती है।
- माटी वाली विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करके उन पर विजय पाने का प्रयास कर रही है।
- माटी वाली का स्वभाव अत्यंत जुझारू है।
- माटी वाली में सेवा भावना कूट-कूटकर भरी है। वह अपने बीमार एवं अशक्त पति की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रयास रहती है।
- वह मृदुभाषिणी है तथा विनम्रता से बातें करती है। माटी वाली के चरित्र से मैं परिश्रमी बनने, काम से जी न चुराने, आलस्य त्यागने, विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करने, दूसरों की सेवा करने, अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने जैसे जीवन मूल्य अपनाना चाहूँगा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखक ने ‘गैरिक आवरण’ किसे कहा है? यह कब और क्यों आच्छादित करता आ रहा था?
अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, वह उचित क्यों नहीं है?
इस एकांकी का क्या उद्देश्य है? लिखिए।
'भूख मीठी कि भोजन मीठा' से क्या अभिप्राय है?
लेखिका ने अपनी माँ को परीजात-सी जादुई क्यों कहा है? ससुराल में उनकी क्या स्थिति थी?
वह ऐसी कौन सी बात रही होगी जिसने लेखक को दिल्ली जाने के लिए बाध्य कर दिया?
'लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।'-हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
'इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगें' - मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।
रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए तथा उपवाक्य छाँटकर उसके भी भेद लिखिए-
हीरा ने कहा - गया के घर से नाहक भागे।
झूरी के पास वापस आए बैलों को देखकर बच्चों ने अपनी खुशी किस तरह व्यक्त की?
अपनी यात्रा के दौरान लेखक को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रही है?
पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर विचार व्यक्त कीजिए।
उपभोक्तावादी संस्कृति के विभिन्न दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। आप उनका उल्लेख करते हुए इनसे बचने के उपाय बताइए।
गांधी जी उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रति क्या विचार रखते थे? वे किस संस्कृति को श्रेयस्कर मानते थे?
अब हिमालय और लद्दाख की बरफ़ीली जमीनों पर रहने वाले पक्षियों की वकालत कौन करेगा’? ऐसा लेखक ने क्यों कहा होगा? ‘सावले सपनों की याद’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
स्वाधीनता आंदोलन को आगे बढ़ाने में इस प्रकार के लेखन की क्या भूमिका रही होगी?
मैना ने सेनापति से क्या निवेदन किया और क्यों?
पाठ में आए मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
प्रस्तुत पाठ एक निबंध है। निबंध गद्य-साहित्य की उत्कृष्ट विधा है, जिसमें लेखक अपने भावों और विचारों को कलात्मक और लालित्यपूर्ण शैली में अभिव्यक्त करता है। इस निबंध में उपर्युक्त विशेषताएँ कहाँ झलकती हैं? किन्हीं चार का उल्लेख कीजिए।
