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‘माता का अँचल’ पाठ में बाबूजी माताजी से कब और क्यों नाराज हो जाते थे? संतान के प्रति इस प्रकार का व्यवहार क्या आपको अपने घर या घर के आसपास भी दिखाई देता है, संक्षेप में वर्णन कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

पूरक पाठ्यपुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 50-60 शब्दों में लिखिए:

‘माता का अँचल’ पाठ में बाबूजी माताजी से कब और क्यों नाराज हो जाते थे? संतान के प्रति इस प्रकार का व्यवहार क्या आपको अपने घर या घर के आसपास भी दिखाई देता है, संक्षेप में वर्णन कीजिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

जब माताजी बच्चे को स्नान कराने के लिए गरम पानी तैयार करती थीं, तब बाबूजी नाराज़ होकर अपने पिताजी के पास चले जाते थे। बहुत समझाने के बाद बच्चे को स्नान कराया जाता, फिर तेल लगाकर पीले कपड़े पहनाए जाते, काजल लगाया जाता और केश सँवारकर दिठौना लगाकर उसे कन्हैया बना दिया जाता। यह देखकर पिताजी अत्यंत प्रसन्न होते थे, पर आरंभ में बाबूजी माताजी से नाराज़ ही रहते थे। ऐसा व्यवहार अक्सर हमारे घरों में भी देखा जाता है, जहाँ बच्चे का लगाव पिता से अधिक और माँ से केवल दूध पीने तक सीमित रहता है।

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