मराठी

माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर क्यों घबरा रही थी?

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प्रश्न

माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर क्यों घबरा रही थी?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

मोहन के पेट में काफ़ी दर्द हो रहा था। इसका कारण पता नहीं चल रहा था और वह कल स्कूल नहीं जा सकेगा, उसे क्या बीमारी हो गई है? यह सोचकर माँ का मन घबरा रहा था।

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गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: ऐसे-ऐसे - एकांकी से [पृष्ठ ५७]

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एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
पाठ 8 ऐसे-ऐसे
एकांकी से | Q 2 | पृष्ठ ५७

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(क) केशव ने झुँझलाकर कहा
(ख) केशव रोनी सूरत बनाकर बोला
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(ङ) श्यामा ने गिड़गिड़ाकर कहा.
ऊपर लिखे वाक्यों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखो ये शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण का काम कर रहे हैं क्योंकि ये बताते हैं कि कहने, बोलने और उठने की क्रिया कैसे हुई। 'कर' वाले शब्दों के क्रियाविशेषण होने की एक पहचान यह भी है कि ये अकसर क्रिया से ठीक पहले आते हैं। अब तुम भी इन पाँच क्रियाविशेषणों का वाक्यों में प्रयोग करो।


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  • शिष्टाचार
  • श्रद्धांजलि
  • दिनांक
  • उत्तरांचल
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  • अल्पाहार

पाठ में आए वाक्य ‘लोचा-लोचा फिरे है, के बदले ढीला-ढाला हो गया है या बहुत कमज़ोर हो गया है-लिखा जा सकता है लेकिन, लेखक ने संवाद में विशेषता लाने के लिए बोलियों के रंग-ढंग का उपयोग किया है। इस पाठ में इस तरह की अन्य पंक्तियाँ भी हैं; जैसे-
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राम मारी बीमारियों ने तंग कर दिया,
तेरे पेट में तो बड़ी दाढ़ी है।
अनुमान लगाओ, इन पंक्तियों को दूसरे ढंग से कैसे लिखा जा सकता है।


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