मराठी

माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर क्यों घबरा रही थी?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर क्यों घबरा रही थी?

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

मोहन के पेट में काफ़ी दर्द हो रहा था। इसका कारण पता नहीं चल रहा था और वह कल स्कूल नहीं जा सकेगा, उसे क्या बीमारी हो गई है? यह सोचकर माँ का मन घबरा रहा था।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: ऐसे-ऐसे - एकांकी से [पृष्ठ ५७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 8 ऐसे-ऐसे
एकांकी से | Q 2 | पृष्ठ ५७

संबंधित प्रश्‍न

लेखिको को सप्ताह में कितनी बार चॉकलेट खरीदने की छूट थी?


बहुविकल्पीय प्रश्न

धरती कितने साल पुरानी है?


धरती का अस्तित्व कब से है?


गीत में सीने और बाँहों को फ़ौलादी क्यों कहा गया है?


बहुविकल्पीय प्रश्न
किसके सहारे इंसान अपना भाग्य बना सकता है-


राजप्पा ने नागराजन का टिकट-अलबम अँगीठी में क्यों डाल दिया?


निम्नलिखित शब्दों को कहानी में ढूँढ़कर उनका अर्थ समझो। अब स्वयं सोचकर इनसे वाक्य बनाओ-

खोंसना

जमघट

टटोलना

कुढ़ना

अगुआ

पुचकारना

खलना

हेकड़ी


क्या मोहन के पेट में सचमुच दर्द था?


वैद्य जी मोहन को क्या बीमारी बताते हैं? वह उसे क्या दवा देते हैं।


आजकल लड़के किसे घेरे रहते थे और क्यों?

अलबम चुराते समय राजप्पा किस मानसिक स्थिति से गुज़र रहा था?

लेखिका ने किसे नियामत माना है? उससे क्या किया जा सकता है?

तुम्हें किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने का मौका मिले जिसे दिखाई न देता हो तो तुम उससे सुनकर, सूँधकर, चखकर, छूकर अनुभव की जानेवाली चीज़ों के संसार के विषय में क्या-क्या प्रश्न कर सकते हो? लिखो।


अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।

  • अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-

मिठास

भूख

शांति

भोलापन

बुढ़ापा

घबराहट

बहाव

फुर्ती

ताज़गी

क्रोध

मज़दूरी

अहसास

  • मैं अब इस तरह के उत्तरों की आदी हो चुकी हूँ।
  • उस बगीचे में आम, अमलतास, सेमल आदि तरह-तरह के पेड़ थे।

ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो

अवधि

-

अवधी

ओर

-

और

में

-

मैं

दिन

-

दीन

मेल

-

मैल

सिल

-

सील


एन.सी.ई.आर.टी. की श्रव्य श्रृंखला ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’।


‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ पुस्तक पुस्तकालय से लेकर पढ़ो।


बहुविकल्पी प्रश्न

लोकगीतों की रचना में किसका विशेष योगदान है?


हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीत कौन-कौन से हैं?


भारत के विभिन्न प्रदेशों में कौन-कौन से लोकगीत गाए जाते हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×