Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लेखक ने लोगों के किन कार्यों को वाह्याडंबर कहा है और क्यों?
Advertisements
उत्तर
लेखक ने लोगों द्वारा अजाँ देने, नमाज पढ़ने, पूजा-पाठ करने, नाक दबाने आदि को वाह्याडंबर कहा है क्योंकि ऐसा करके व्यक्ति ने अपनी आत्मा को शुद्ध कर पाता है और न अपना भला। इन कार्यों का उपयोग वह अपनी धार्मिकता को दिखाने के लिए करता है जिससे भोले-भाले लोगों पर अपना वर्चस्व बनाए रख सके।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ध्वनि किस तरह व्यक्ति को किसी दूसरे समय-संदर्भ में पहुँचा देती है? पाठ के आधार पर लिखिए।
लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?
लेखक को पुस्तकालय से अनिच्छापूर्वक क्यों उठना पड़ता था?
अखबार में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक क्यों चिंतित हो गया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लड़के की मृत्यु के दूसरे ही दिन बुढ़िया खरबूज़े बेचने क्यों चल पड़ी?
बुढ़िया से खरबूजे खरीदने में लोगों को क्या डर सता रहा था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
हिमस्खलन से कितने लोगों की मृत्यु हुई और कितने घायल हुए?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखिका की सफलता पर कर्नल खुल्लर ने उसे किन शब्दों में बधाई दी?
इस पाठ में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों की व्याख्या पाठ का संदर्भ देकर कीजिए −
निहारा है, धसकना, खिसकना, सागरमाथा, जायज़ा लेना, नौसिखिया
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
महादेव भाई के झोलों में क्या भरा रहता था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए −
महादेव जी की लिखावट की क्या विशेषताएँ थीं?
अहमदाबाद में बापू के आश्रम के विषय में चित्रात्मक जानकारी एकत्र कीजिए।
लेखक ने महादेव के स्वभाव की तुलना किससे की है और क्यों?
‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’-इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
अतिथि को आया देख लेखक की क्या दशा हुई और क्यों?
यदि अतिथि पाँचवें दिन भी रुक गया तो लेखक की क्या दशा हो सकती थी?
दूसरे दिन अतिथि के न जाने पर लेखक और उसकी पत्नी का व्यवहार किस तरह बदलने लगता है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
रामन् की खोज ने किन अध्ययनों को सहज बनाया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?
लेखक की दृष्टि में धर्म और ईमान को किसका सौदा कहा गया है और क्यों ?
