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प्रश्न
लेखक बालगोबिन भगत को गृहस्थ साधु मानता था पर वह भगत के किस अन्य गुण पर मुग्ध था और क्यों?
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उत्तर
लेखक भगत को गृहस्थ साधु मानता था पर वह भगत के मधुर गान पर मुग्ध था, जिसे कोई भी सदा-सर्वदा सुन सकता था। वे कबीर के सीधे-सादे पदे गाते थे पर उनके कंठ से लय-तालबद्ध होकर जब निकलते तो सजीव हो उठते थे।
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