Advertisements
Advertisements
प्रश्न
Advertisements
उत्तर
हाँ, इंदर सेना आज के समय में भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है क्योंकि किसी भी सामाजिक समस्या को हल करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक होता है और यही तरीका इंदर सेना भी अपनाती थी। सामूहिक शक्ति के माध्यम से किसी भी आंदोलन को सफल बनाया जा सकता है। उदाहरण के लिए पर्यावरण से जुड़े ‘चिपको आंदोलन’ और महात्मा गांधी के सभी आंदोलन इसी सामूहिक सहयोग से सफल हुए। आज भी यदि युवा संगठित होकर कार्य करें तो अशिक्षा, आतंकवाद और स्त्री-अत्याचार जैसी समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव है। समाजोपयोगी रचनात्मक कार्यों का अनुभव छात्र स्वयं लिखें।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लोगों ने लड़कों की टोली को मेढक-मंडली नाम किस आधार पर दिया? यह टोली अपने आपको इंदर सेना कहकर क्यों बुलाती थी?
जीजी ने इंदर सेना पर पानी फेंके जाने को किस तरह सही ठहराया?
पानी दे, गुड़धानी दे मेघों से पानी के साथ-साथ गुड़धानी की माँग क्यों की जा रही है?
गगरी फूटी बैल पियासा इंदर सेना के इस खेलगीत में बैलों के प्यासा रहने की बात क्यों मुखरित हुई है?
इंदर सेना सबसे पहले गंगा मैया की जय क्यों बोलती है? नदियों का भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक परिवेश में क्या महत्त्व है?
पानी का संकट वर्तमान स्थिति में भी बहुत गहराया हुआ है। इसी तरह के पर्यावरण से संबद्ध अन्य संकटों के बारे में लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-
'काले मेघा पानी दे' पाठ के आधार पर पानी और बारिश के अभाव में गाँव की दशा का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
