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क्या होता अगर…(क) हमारे पास अक्षर न होते(ख) भाषा न होती

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प्रश्न

क्या होता अगर…
(क) हमारे पास अक्षर न होते
(ख) भाषा न होती

टीपा लिहा
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उत्तर

(क) अगर हमें अक्षरों का ज्ञान न होता तो हम आज भी हज़ारों वर्ष पहले वाली दुनिया में भटकते। भावों, विचारों को लिखकर व्यक्त न कर पाते। तब हम अपना ज्ञान अगली पीढ़ी तक नहीं पहुँचा पाते और हमारा पूर्ण विकास नहीं हो पाता। हम वहाँ तक नहीं पहुँच पाते, जहाँ आज हैं। भाषा भावों को प्रकट करने का साधन है।

(ख) भाषा नहीं होती तो हम अपने विचारों को न तो बोलकर और न लिखकर दूसरों पर प्रकट कर पाते। हमारा सामाजिक दायरा बढ़ नहीं पाता और अलगाव बना रहता। जैसे पशु साथ रहकर भी अलग रहते हैं, वैसी स्थिति मनुष्य की भी होती।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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पाठ 5: अक्षरों का महत्व - अनुमान और कल्पना [पृष्ठ ३२]

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एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
पाठ 5 अक्षरों का महत्व
अनुमान और कल्पना | Q 3 | पृष्ठ ३२

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क्रियाओं से भी भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं। जैसे मारना से मार, काटना से काट, हारना से हार, सीखना से सीख, पलटना से पलट और हड़पना से हड़प आदि भाववाचक संज्ञाएँ बनी हैं। तुम भी इस संस्मरण से कुछ क्रियाओं को छाँटकर लिखो और उनके भाववाचक संज्ञा बनाओ।


चार दिन, कुछ व्यक्ति, एक लीटर दूध आदि शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दो तो पता चलेगा कि इसमें चार, कुछ और एक लीटर शब्द से संख्या या परिमाण का आभास होता है, क्योंकि ये संख्यावाचक विशेषण हैं। इसमें भी चार दिन से निश्चित संख्या का बोध होता है, इसलिए इसको निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं और कुछ व्यक्ति से अनिश्चित संख्या का बोध होने से इसे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। इसी प्रकार एक लीटर दूध से परिमाण का बोध होता है इसलिए इसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।

अब तुम नीचे लिखे वाक्यों को पढ़ो और उनके सामने विशेषण के भेदों को लिखो-
(क) मुझे दो दर्जन केले चाहिए।
(ख) दो किलो अनाज दे दो।
(ग) कुछ बच्चे आ रहे हैं।
(घ) सभी लोग हँस रहे थे।
(ङ) तुम्हारा नाम बहुत सुंदर है।


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• हर चीज़ के निर्माण की एक कहानी होती है, जैसे मकान के निर्माण की कहानी-कुर्सी, गद्दे, रज़ाई के निर्माण की कहानी हो सकती है। इसी तरह वायुमान साइकिल अथवा अन्य किसी यंत्र के निर्माण की कहानी भी होती है। कल्पना करो यदि रसगुल्ला अपने निर्माण की कहानी सुनाने लगे कि वह पहले दूध था, उसे दूध से छेना बनाया गया, उसे गोल आकार दिया गया। चीनी की चाशनी में डालकर पकाया गया। फिर उसका नाम पड़ा रसगुल्ला।
• तुम भी किसी चीज के निर्माण की कहानी लिख सकते हो, इसके लिए तुम्हें अनुमान और कल्पना के साथ उस चीज़ के बारे में कुछ जानकारी भी एकत्र करनी होगी।


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