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प्रश्न
कविता में कुछ पंक्तियाँ कोष्ठकों में रखी गई हैं- आपकी समझ से इसका क्या औचित्य है?
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर
हमारी समझ से ये पंक्तियाँ कविता में आए संचालक द्वारा कही गई बातें हैं-
उदाहरण के लिए-
- (कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)
- (हम खुद इशारे से बताएँगे कि क्या ऐसा?)
- (यह अवसर खो देंगे?)
- (यह प्रश्न पूछा नहीं जाएगा)
- (आशा है आप उसे उसकी अपंगता की पीड़ा मानेंगे।)
- (कैमरा बस करो नहीं हुआ रहने दो परदे पर वक्त की कीमत है)
- (बस थोड़ी ही कसर रह गई)
कार्यक्रम का संचालक अपने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपंग व्यक्ति को विभिन्न प्रकार से रुलाने का प्रयास करता है। वह कभी अपंग व्यक्ति, कभी दर्शकों तथा कभी कैमरामेन को बोलता है। इसके माध्यम से स्पष्ट हो जाता है कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संचालक किस हद तक स्वयं को गिरा सकता है। इन पंक्तियों के माध्यम से उसका दोगला रूप दिखाई देता है। कार्यक्रम के सामाजिक उद्देश्य को पूरा करने के स्थान पर वह स्वयं के कार्यक्रम को सफल बनाने में लगा रहता है।
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कैमरे में बंद अपाहिज
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
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यदि आप इस कार्यक्रम के दर्शक हैं, तो टी.वी. पर ऐसे सामाजिक कार्यक्रम को देखकर एक पत्र में अपनी प्रतिक्रिया दूरदर्शन निदेशक को भेजें।
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-
कैमरे में बंद अपाहिज कविता के आधार पर स्पष्ट करें कि दूरदर्शन वाले कैमरे के सामने कमज़ोर को ही क्यों लाते हैं?
