Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-
"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"
अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।
Advertisements
उत्तर
बच्चों और पेड़ों में बहुत प्रकार की समानता विद्यमान हैं। जहाँ पेड़ रहते हैं, उस स्थान का सौंदर्य अलग ही होता है। बच्चे भी जहाँ रहते हैं वहाँ रौनक विद्यमान रहती है। उनकी मुस्कुराहट जीवन को खुशियों से भर देती है। पेड़ हरियाली ही नहीं देते बल्कि वे ठंडक, फल तथा फूलों भी देते हैं। इसी तरह बच्चे जीवन में प्रेम, सुख और सौंदर्य भर देते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
बहुविकल्पी प्रश्न
यह गीत कैसा गीत है?
उड़ने के बाद चुरुंगुन कहाँ-कहाँ गया होगा? उसने क्या-क्या देख होगा? अपने शब्दों में लिखो।
कविता पढ़ो और जवाब दो-
(क) कविता की कौन-सी पंक्तियाँ सबसे अच्छी लगीं?
(ख) वे पंक्तियाँ क्यों अच्छी लगीं?
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
लक्की ________की तरह गरजता है।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
| कहाँ से, किसने, क्यों, क्या, किसके, किसको |
___________ डाँट रहे हैं _________कहना नहीं सुना माँ का।
किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?
सूरज को उसकी माँ ने क्यों बुला लिया?
जब बच्ची अपनी माँ से सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम कैसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। (संकेत- धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदि)
पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं?
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
बहुविकल्पी प्रश्न
चिलम के रूप में किसका चित्रण किया गया है?
रहीम ने क्वार के मास में गरजने वाले बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यों की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजने वाले बादलों के विषय में क्या कहना चाहेंगे?
निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए
‘कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ ______ एक हिलोर उधर से आए’,
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए।
पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
‘भोर और बरखा’ कविता की रचयिता हैं?
कवि क्यों कह रहा है कि
'आज सभ्यता वहशी बन,
पेड़ों को काट रही है?'
इस पर अपने विचार लिखो।
