मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

कविता (हिम) में इस अर्थ के आए हुए शब्‍द : शोर - ______ - Hindi [हिंदी]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कविता (हिम) में इस अर्थ के आए हुए शब्‍द : 

शोर - ______ 

एक शब्द/वाक्यांश उत्तर
Advertisements

उत्तर

शोर - कोलाहल

shaalaa.com
हिम
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.07: हिम - स्वाध्याय [पृष्ठ ३६]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1.07 हिम
स्वाध्याय | Q (२) | पृष्ठ ३६

संबंधित प्रश्‍न

एक शब्‍द में उत्‍तर लिखिए : 

पृथिवी चलकर बनती = ______ 


एक शब्‍द में उत्‍तर लिखिए : 

पर्वतों को थामकर चली जाने वाली = ______ 


कविता (हिम) में इस अर्थ के आए हुए शब्‍द : 

निरंकुश - ______ 


कविता (हिम) में आए प्राकृतिक घटक :  


विशेषताएँ लिखिए : 

प्रशांतता - ______ 


विशेषताएँ लिखिए : 

नदियाँ - ______ 


विशेषताएँ लिखिए : 

हवा - ______ 


कविता (हिम) की अंतिम छह पंक्‍तियों का भावार्थ लिखिए।

घाटी या कि नदी में
गिर सकने वाली वे
पर्वत थामे चली जा रहीं
पगवाटें भी छूट गईं
सब छूट गईं
जैसे सांसारिकताएँ थीं ये भी। 


निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :

१. रचनाकार का नाम

२. रचना का प्रकार

३. पसंदीदा पंक्ति

४. पसंद होने का कारण

५. रचना से प्राप्त प्रेरणा 


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

ऊर्ध्वतम ही है चलना
जैसे पृथिवी चलकर गौरीशंकर बनती !
छूट गए पीछे
कस्तूरी मृगवाले वे मधु मानव-से उत्सव जंगल,
ग्रीष्म तपे
तँबियारे झरे पात की
वे वनानियाँ, गिरे चीड़फूलों से लदी भूमि
औ’ औषधियों के वल्कल पहने
परम हितैषी वृक्ष
सभी कुछ छूट गए ।

(1) उचित मिलान कीजिए:     (2)

  उत्तर
(i) औषधि   ताप
(ii) ग्रीष्म   वल्कल
(iii) कस्तूरी   पात
(iv) तौबियारे   उत्सव
(v)     मृग

(2) पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए:     (2)

  1. विलोम शब्द:
    1. आगे × ______
    2. अहितैषी × ______
  2. समानार्थी शब्द :
    1. पेड़ = ______
    2. वन = ______

(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।     (2)


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×