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प्रश्न
कुब्जा के जीवन का अंत कैसे हुआ?
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उत्तर
नीलकंठ की मृत्यु के बाद कुब्जा भी कोलाहल के साथ उसे ढूँढ़ना शुरू कर दिया। वह आम, अशोक कचनार की शाखाओं में ढूंढती रहती। एक दिन आम की शाखा से उतरते ही अलसेशियन कुतिया उसके सामने पड़ गई । स्वभाववश कुब्जा ने चोंच से उस पर प्रहार किया तो कजली के दो दाँत उसकी गरदन पर लग गए। परिणामतः उसकी मृत्यु हो गई। इस प्रकार उसके कलह-कोलाहल तथा द्वेष-प्रेम भरे जीवन का अंत हुआ।
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(क) हरे-भरे
(ख) उमड़-घुमड़
(ग) एक-दूसरे
(घ) धीरे-धीरे
(ङ) टप-टप
(च) फटी-पुरानी
भारत के कुछ नृत्यों और नर्तक/नर्तकियों के नाम पता करो और कक्षा में सबको बताओ।
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- उपर्युक्त वाक्य में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है, जैसे, भोजपुरी में-एक ठो लइका, चार ठे आलू, तीन ते बटुली।
- ऐसे शब्दों का प्रयोग भारत की कई अन्य भाषाओं/ बोलियों में भी होता है। कक्षा में पता कीजिए कि किस-किस की भाषा-बोली में ऐसा है। इस पर सामूहिक बातचीत कीजिए।
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