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प्रश्न
किसी यौगिक में सल्फर के आकलन के सिद्धांत की विवेचना कीजिए।
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उत्तर
इस सिद्धांत के अनुसार, सल्फरयुक्त कार्बनिक यौगिक को सांद्र नाइट्रिक अम्ल के साथ गर्म करने पर यौगिक में उपस्थित समस्त गंधक, सल्फ्यूरिक अम्ल में ऑक्सीकृत हो जाती है। इसमें BaCl2 विलयन मिलाकर इससे BaSO4 अवक्षेपित कर लिया जाता है। इस अवक्षेप को छानकर, धोकर और सुखाकर तौल लेते हैं। इस प्रकार BaSO4 के भार की सहायता से गंधक की प्रतिशत मात्रा की गणना कर लेते हैं।
अभिक्रियाएँ-
\[\ce{\text{सल्फरयुक्त कार्बनिक यौगिक} + {\text{सांद्र}} HNO3 -> CO2\uparrow + H2O + NO2\uparrow + H2SO4}\]
\[\ce{H2SO4 + BaCl2 -> BaSO4\downarrow + 2HCl}\]
माना, m ग्राम कार्बनिक यौगिक से x ग्राम BaSO4 बनता है।
∵ 233 ग्राम BaSO4 में S की मात्रा = 32 ग्राम
∴ x ग्राम BaSO4 में S की मात्रा = `32/233 xx "x"` ग्राम
∵ m ग्राम कार्बनिक यौगिक में S की मात्रा = `32/233 xx "x"` ग्राम
∴ 100 ग्राम कार्बनिक यौगिक में S की मात्रा = `32/233 xx "x"/"m" xx 100`
S की प्रतिशत मात्रा (%) = `32/233 xx ("BaSO"_4 " का भार")/("कार्बनिक यौगिक का भार") xx 100"`
