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प्रश्न
किसी वैद्युत द्विध्रुव में दो बिंदु आवेश q, एवं −q 2a दूरी द्वारा पृथक्कृत हैं। इस द्विध्रुव के निरक्षीय तल में केंद्र से r दूरी पर स्थित किसी बिन्दु पर द्विध्रुव के कारण वैद्युत क्षेत्र `vecE` का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। किसी अत्यंत दूरस्थ बिंदु पर अर्थात् यदि r >> a हो तो इस वैद्युत क्षेत्र का व्यंजक लिखिए।
व्युत्पत्ती
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उत्तर
प्रत्येक आवेश से बिंदु की दूरी (d) = `sqrt(r^2 + a^2)`
एक आवेश के कारण क्षेत्र का परिमाण (E) = `1/(4 pi epsilon_0) q/d^2`
परिणामी क्षेत्र (Eeq) = `1/(4 pi epsilon_0) (2 qa)/((r^2 + a^2)^(3//2))`
चूँकि p = 2qa;
Eeq = `1/(4 pi epsilon_0) p/((r^2 + a^2)^(3//2))`
इसकी दिशा द्विध्रुव आघूर्ण के विपरीत होती है।
r >> a के लिए::
r2 + a2 ≈ r2
Eeq = `1/(4 pi epsilon_0) p/r^3`
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2025-2026 (March) 55/1/1
