Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी कृषक से प्रत्यक्ष वार्तालाप करते हुए उसका महत्त्व बताइए:
Advertisements
उत्तर
कृषक का महत्त्व: कृषक (किसान) खेती करके अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। किसान से सीधे वार्तालाप करके, हम कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों के बारे में सीधे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे की खेती में उपयुक्त तकनीक, बीजों का चयन, और फसल की सुरक्षा। कड़ी मेहनत से खेतों में फसलें लहलहाती हैं। उसकी उगाई फसल से ही पूरे देश को अन्न मिलता है। इसी कारण उसे अन्नदाता भी कहते हैं। किसान से बातचीत करके हम उनकी आर्थिक प्रबंधन की परिस्थितियों को समझ सकते हैं और उन्हें उचित सहारा प्रदान कर सकते हैं, जिससे उनकी समृद्धि में मदद हो सकती है। कई उद्योग-व्यवसाय के लिए कच्चा माल खेती से ही प्राप्त होता है। वार्तालाप के माध्यम से हम किसान से यह सुन सकते हैं कि उनकी फसल उत्पादन में किस प्रकार की चुनौतियां हैं और उन्हें बाजार में उचित मूल्य कैसे मिल सकता है। यदि देश में किसान खेती करना बंद कर दे तो न ही भोजन मिलेगा और न ही देश का विकास होगा। इससे यह सिद्घ होता है कि पूरा देश व देशवासी किसान पर ही निर्भर हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ग्रामीण जीवन पर आधारित विविध भाषाओं के लोकगीत सुनिए और सुनाइए।
‘प्राकृतिक सौंदर्य का सच्चा आनंद आँचलिक (ग्रामीण) क्षेत्र में ही मिलता है’, चर्चा कीजिए।
किसी ऐतिहासिक स्थल की सुरक्षा हेतु आपके द्वारा किए जाने वाले प्रयत्नों के बारे में लिखिए।
‘सबकी प्यारी, सबसे न्यारी मेरे देश की धरती’ इस पर अपने विचार लिखिए।
‘ऑरगैनिक’ (सेंद्रिय) खेती की जानकारी प्राप्त कीजिए और अपनी कक्षा में सुनाइए।
