मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

किसी कृषक से प्रत्यक्ष वार्तालाप करते हुए उसका महत्त्व बताइए: - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

किसी कृषक से प्रत्यक्ष वार्तालाप करते हुए उसका महत्त्व बताइए:

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

कृषक का महत्त्व: कृषक (किसान) खेती करके अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। किसान से सीधे वार्तालाप करके, हम कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों के बारे में सीधे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे की खेती में उपयुक्त तकनीक, बीजों का चयन, और फसल की सुरक्षा। कड़ी मेहनत से खेतों में फसलें लहलहाती हैं। उसकी उगाई फसल से ही पूरे देश को अन्न मिलता है। इसी कारण उसे अन्नदाता भी कहते हैं। किसान से बातचीत करके हम उनकी आर्थिक प्रबंधन की परिस्थितियों को समझ सकते हैं और उन्हें उचित सहारा प्रदान कर सकते हैं, जिससे उनकी समृद्धि में मदद हो सकती है। कई उद्योग-व्यवसाय के लिए कच्चा माल खेती से ही प्राप्त होता है। वार्तालाप के माध्यम से हम किसान से यह सुन सकते हैं कि उनकी फसल उत्पादन में किस प्रकार की चुनौतियां हैं और उन्हें बाजार में उचित मूल्य कैसे मिल सकता है। यदि देश में किसान खेती करना बंद कर दे तो न ही भोजन मिलेगा और न ही देश का विकास होगा। इससे यह सिद्घ होता है कि पूरा देश व देशवासी किसान पर ही निर्भर हैं।

shaalaa.com
ग्रामदेवता
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.3: ग्रामदेवता - स्वाध्याय [पृष्ठ ३४]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.3 ग्रामदेवता
स्वाध्याय | Q ४ | पृष्ठ ३४
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×