Advertisements
Advertisements
प्रश्न
खरबूजे बेचने आई महिला फफक-फफक कर क्यों रोए जा रही थी?
Advertisements
उत्तर
खरबूजे बेचने आई महिला इसलिए फफक-फफक कर रोए जा रही थी क्योंकि एक दिन पहले ही उसका जवान बेटा साँप के हँसने से चल बसा था। उसके घर में पोते-पोती और बीमार बहू के लिए कुछ भी खाने को न था। शोक मनाने की जगह खरबूजे बेचने की विवशता और बेटे के दुख के कारण वह फफक-फफक रोए जा रही थी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखिका ने कैसे जाना कि गिल्लू उसकी अनुपस्थिति में दुखी था?
'किताबों वाले कमरे' में रहने के पीछे लेखक के मन में क्या भावना थी?
हामिद खाँ ने खाने का पैसा लेने से इंकार क्यों किया?
हामिद कौन था? उसे लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
गांधी जी और पटेल की मुलाकात आश्रम के सामने सड़क पर क्यों हुई?
बुढ़िया के बेटे की मृत्यु से उसे ज्ञान और माल दोनों की हानि हुई। ‘दुख का अधिकार’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
इस पाठ में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों की व्याख्या पाठ का संदर्भ देकर कीजिए −
निहारा है, धसकना, खिसकना, सागरमाथा, जायज़ा लेना, नौसिखिया
उदाहरण के अनुसार विलोम शब्द बनाइए −
उदाहरण : अनुकूल − प्रतिकूल
|
नियमित − |
____________ |
|
आरोही − |
____________ |
|
सुंदर − |
____________ |
|
विख्यात − |
____________ |
|
निश्चित − |
____________ |
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
महादेव भाई की अकाल मृत्यु का कारण क्या था?
उदाहरण के अनुसार वाक्य बदलिए-
उदाहरण : गांधी जी ने महादेव भाई को अपना वारिस कहा था।
गांधी जी महादेव भाई को अपना वारिस कहा करते थे।
- महादेव भाई अपना परिचय ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ के रूप में देते थे।
- पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ते रहते थे।
- दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
- देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधी जी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।
- गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।
देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधी जी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
आज धर्म के नाम पर क्या-क्या हो रहा है?
आगे बढ़ती भारतीय महिलाओं की पुस्तक पढ़कर उनसे संबंधित चित्रों का संग्रह कीजिए एवं संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करके लिखिए-
- पी. टी. उषा
- आरती साहा
- किरण बेदी
‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’-इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
इनके कपड़े देने हैं। (स्थानसूचक प्रश्नवाची)
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
हमारे पास ऐसी न जाने कितनी ही चीज़ें बिखरी पड़ी हैं, जो अपने पात्र की तलाश में हैं।
निम्नलिखित उदाहरण को पढ़कर पाठ में आए संयुक्त शब्दों को छाँटकर लिखिए-
उदहारण : चलते-पुरजे
लेखक ने लोगों के किन कार्यों को वाह्याडंबर कहा है और क्यों?
