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कहानी में नानाजी-नानीजी बच्चे का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। आपके घर और विद्यालय में आपका ध्यान कौन-कौन रखते हैं? कैसे?

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प्रश्न

कहानी में नानाजी-नानीजी बच्चे का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। आपके घर और विद्यालय में आपका ध्यान कौन-कौन रखते हैं? कैसे?

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

घर पर मेरा ध्यान माता-पिता, दादा-दादी और बड़े भाई-बहन रखते हैं। माँ मुझे समय पर नाश्ता और भोजन देती हैं, स्कूल जाते समय टिफिन थमाती हैं और ठंड में कंबल ओढ़ाकर ही सोने देती हैं। पिताजी मेरा होमवर्क करवाते हैं और बाजार से मेरे लिए किताबें, कपड़े और फल लेकर आते हैं। बीमार पड़ने पर दादी मुझे काढ़ा, दवा और हल्का खाना देती हैं। विद्यालय में मेरा ध्यान अध्यापक और प्रधानाचार्य जी रखते हैं। अध्यापक हमें पढ़ाते हैं, कठिनाई होने पर बार-बार समझाते हैं और खेल के समय चोट लगने से बचाते हैं। प्रधानाचार्य जी साफ-सफाई, पीने के पानी, बत्तियों और पंखों की व्यवस्था रखते हैं ताकि हमें कक्षा में पढ़ने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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पाठ 5: नहीं होना बीमार - पाठ से आगे [पृष्ठ ७०]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 5 नहीं होना बीमार
पाठ से आगे | Q (घ) | पृष्ठ ७०
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