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कहानी में आम खाने वाले मुन्नु को देखकर बच्चे को ईर्ष्या हुई थी। क्या आपको कभी किसी से या किसी को आपसे ईर्ष्या हुई है? आपने तब क्या किया था ताकि यह भावना दूर हो जाए?

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प्रश्न

कहानी में आम खाने वाले मुन्नु को देखकर बच्चे को ईर्ष्या हुई थी। क्या आपको कभी किसी से या किसी को आपसे ईर्ष्या हुई है? आपने तब क्या किया था ताकि यह भावना दूर हो जाए?

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

हाँ, मुझे ईर्ष्या तब हुई जब हमारी कक्षा में मेरे मित्र को गणित में सर्वाधिक अंकों के लिए पुरस्कार मिला। मन में जलन हुई कि काश, यह पुरस्कार मुझे मिलता! पर मैंने खुद से कहा कि ईर्ष्या करने से कुछ नहीं मिलेगा, मेहनत करनी पड़ेगी। मैंने अपने मित्र को बधाई दी और उससे पढ़ाई के उपाय पूछे। फिर रोज़ एक घंटा गणित का अभ्यास किया। अगली परीक्षा में मेरे भी अंक सुधर गए और मन की जलन पूरी तरह दूर हो गई। अब मैं समझ गया हूँ कि दूसरों की सफलता पर खुश होना और उनसे सीखना ही ईर्ष्या जैसी भावना को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है।

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पाठ 5: नहीं होना बीमार - पाठ से आगे [पृष्ठ ६९]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 5 नहीं होना बीमार
पाठ से आगे | Q (ग) | पृष्ठ ६९
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