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प्रश्न
कहानी में आपने खाने-पीने की अनेक वस्तुओं के बारे में पढ़ा है। अब हम आपके सामने खाने-पीने की वस्तुओं या व्यंजनों से जुड़ी कुछ पहेलियाँ लाए हैं। इन्हें बूझिए और उत्तर लिखिए:
| पहेली | उत्तर | |
| 1. | रोटी जैसा होता है ये, पर आलू से भरा-भरा, घी-तेल साथी हैं इसके, दही चटनी से हरा-भरा |
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| 2. | दाल-चावल का मेल है यह तो, भारत भर में तुम इसे पाओ, दक्षिण में ये खूब है बनता, चटनी – सांभर संग-संग खाओ, गोल – तिकोना इसका आकार, गरम-गरम तुम इसे बनाओ, कौन-सा व्यंजन होता है यह, बोलो बोलो नाम बताओ। |
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| 3. | नाश्ते का यह बड़ा है खास, महाराष्ट्र में इसका वास, मिर्च-मसाले से भरपूर, संग बटाटा भी मशहूर, चटपटी लगी किसे ? बूझो नाम तो खाएँ इसे! |
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| 4. | बेसन से बने चौकोर या गोल, गुजरात में बड़ा है बोल। खाने में नर्म, पानी भरे, धनिया मिर्ची संग सजे। |
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| 5. | गोल-गोल पानी से भरके, चटनी सोंठ संग इसे खाओ उत्तर-दक्षिण पूरब-पश्चिम, गली-मुहल्लों में भी पाओ। खट्टी-मीठी, तीखी हाय, खाना तो इसे हर कोई चाहे! |
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| 6. | हरे साग संग मुझको पाओ, मक्खन के संग मुझको खाओ। आटा मेरा हल्का पीला, स्वाद मेरा है बड़ा रंगीला। |
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| 7. | आग में पकती हूँ, सोंधा-सा स्वाद, साथ में खाओ चूरमा बन जाए फिर बात, गरम दाल से मुझको प्यार, राजस्थान का मैं उपहार । |
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| 8. | गोल-गोल और श्वेत रंग का रस से भरा हुआ हूँ खूब मीठी दुनिया का महाराजा चाशनी मीठी डूब-डूब। |
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
| पहेली | उत्तर | |
| 1. | रोटी जैसा होता है ये, पर आलू से भरा-भरा, घी-तेल साथी हैं इसके, दही चटनी से हरा-भरा |
आलू का पराठा |
| 2. | दाल-चावल का मेल है यह तो, भारत भर में तुम इसे पाओ, दक्षिण में ये खूब है बनता, चटनी – सांभर संग-संग खाओ, गोल – तिकोना इसका आकार, गरम-गरम तुम इसे बनाओ, कौन-सा व्यंजन होता है यह, बोलो बोलो नाम बताओ। |
मसाला डोसा |
| 3. | नाश्ते का यह बड़ा है खास, महाराष्ट्र में इसका वास, मिर्च-मसाले से भरपूर, संग बटाटा भी मशहूर, चटपटी लगी किसे ? बूझो नाम तो खाएँ इसे! |
वड़ा पाव |
| 4. | बेसन से बने चौकोर या गोल, गुजरात में बड़ा है बोल। खाने में नर्म, पानी भरे, धनिया मिर्ची संग सजे। |
ढोकला |
| 5. | गोल-गोल पानी से भरके, चटनी सोंठ संग इसे खाओ उत्तर-दक्षिण पूरब-पश्चिम, गली-मुहल्लों में भी पाओ। खट्टी-मीठी, तीखी हाय, खाना तो इसे हर कोई चाहे! |
गोलगप्पे (पानी पूरी) |
| 6. | हरे साग संग मुझको पाओ, मक्खन के संग मुझको खाओ। आटा मेरा हल्का पीला, स्वाद मेरा है बड़ा रंगीला। |
मुक्के की रोटी |
| 7. | आग में पकती हूँ, सोंधा-सा स्वाद, साथ में खाओ चूरमा बन जाए फिर बात, गरम दाल से मुझको प्यार, राजस्थान का मैं उपहार । |
बाटी |
| 8. | गोल-गोल और श्वेत रंग का रस से भरा हुआ हूँ खूब मीठी दुनिया का महाराजा चाशनी मीठी डूब-डूब। |
रसगुल्ला |
shaalaa.com
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
