Advertisements
Advertisements
प्रश्न
काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
हस्ती चढ़िए ज्ञान कौ, सहज दुलीचा डारि।
स्वान रूप संसार है, भूँकन दे झख मारि।
Advertisements
उत्तर
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
इस संसार में सच्चा संत कौन कहलाता है?
कवयित्री भवसागर पार होने के प्रति चिंतिते क्यों है?
कवयित्री किसे साहब मानती है? वह साहब को पहचानने का क्या उपाय बताती है?
‘वाख’ पाठ के आधार पर बताइए कि परमात्मा को पाने के रास्ते में कौन-कौन सी बाधाएँ आती हैं?
‘कालिंदी कुल कदंब की डारन’ का भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि ने इसका उल्लेख किस संदर्भ में किया
कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए।
ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
कबीर ने सच्चा संत किसे कहा है? उसकी पहचान बताइए।
कबीर ने संसार को किसके समान कहा है और क्यों?
कबीर ने ‘भान’ किसे कहा है? उसके प्रकट होने पर भक्त पर क्या प्रभाव पड़ता है?
कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?
आप जहाँ रहते हैं उस इलाके के किसी मौसम विशेष के सौंदर्य को कविता या गद्य में वर्णित कीजिए।
कवि ने हरी थैली किसे कहा है और क्यों?
गंगा के किनारों का सौंदर्य देखकर कवि अभिभूत क्यों है? ‘भ श्री’ कविता के आधार पर लिखिए।
सरसों को 'सयानी' कहकर कवि क्या कहना चाहता होगा?
‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता में किस चिड़िया का वर्णन है? यह चिड़िया किसका प्रतीक हो सकती है?
‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता में वर्णित अलसी को किस रूप में प्रस्तुत किया गया है और क्यों?
‘मन होता है उड़ जाऊँ मैं’-कौन, कहाँ उड़ जाना चाहता है और क्यों?
मेघ रूपी मेहमान के आने से वातावरण में क्या परिवर्तन हुए?
कविता में प्रयुक्त आँचलिक शब्दों की सूची बनाइए।
