Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कवयित्री भवसागर पार होने के प्रति चिंतिते क्यों है?
Advertisements
उत्तर
कवयित्री भवसागर पार होने के प्रति इसलिए चिंतित है क्योंकि वह नश्वर शरीर के सहारे भवसागर पार करने का निरंतर प्रयास कर रही है परंतु जीवन का अंतिम समय आ जाने पर भी उसे अच्छी प्रार्थना स्वीकार होती प्रतीत नहीं हो रही है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘न खाकर बनेगा अहंकारी’-कवयित्री ने ऐसा क्यों कहा है?
बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?
कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी?
अर्द्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है?
ब्रिटिश राज का गहना किसे कहा गया है और क्यों? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
‘मरने भी देते नहीं, तड़प रह जाना’ के आलोक में बताइए कि अंग्रेज़ कवि जैसे कैदियों को मरने भी नहीं देते थे, क्यों?
कबीर ने ईश्वर-प्राप्ति के लिए किन प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है?
ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?
चाँदी की उजली जाली के समान किसे कहा गया है? यह जाली कहाँ दिखाई दे रही है?
धरती रोमांचित-सी क्यों लगती है? यह रोमांच किस तरह प्रकट हो रहा है?
कवि द्वारा हरियाली और तारों का किस तरह मानवीकरण किया गया है? ‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर लिखिए।
‘ग्राम श्री’ कविता में कुछ पेड़ वातावरण की सुंदरता में वृद्धि कर रहे हैं तो कुछ वातावरण को महका रहे हैं। वातावरण को सुगंधित बनाने वाले इन पेड़ों का उल्लेख कीजिए।
कवि ने प्रकृति का मानवीकरण कहाँ-कहाँ किया है?
कवि कहाँ से लौटा है? वह खेत की मेड़ पर क्यों बैठ गया?
कविता में आए मानवीकरण तथा रूपक अलंकार के उदाहरण खोजकर लिखिए।
कविता में कवि ने आकाश में बादल और गाँव में मेहमान (दामाद) के आने का जो रोचक वर्णन किया है, उसे लिखिए।
कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है।आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी -
(क) वह आपको क्या सीख देती हैं?
(ख) क्या उसकी हर सीख आपको उचित जान पड़ती है? यदि हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं?
