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प्रश्न
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए-
कवि घनानंद ने किस प्रकार की पुकार से "कान खोलि है" की बात कही है?
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर
- कवि घनानंद ने अपनी कविता में सुजान के प्रति अपनी गहरी इच्छा और प्रतीक्षा को प्रकट किया है। वे यह कहने का प्रयास करते हैं कि उनकी मौखिक पुकार भले ही सुजान ने अनसुनी कर दी हो, लेकिन उनकी हृदय की मौन पुकार अवश्य सुनी जाएगी।
- कवि को यह विश्वास है कि सुजान, चाहे अपने कानों में रुई डालकर ऊपर बैठी रहे, अंततः उनकी पुकार को सुनने के लिए विवश हो जाएगी।
- यह पुकार इतनी प्रबल और गहन है कि उसे अनसुना करना असंभव हो जाएगा, और सुजान को कवि के मिलन की हठ को स्वीकारना ही पड़ेगा।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
