मराठी

कार्य करने की क्षमता को योग्यता कहते हैं। यह सभी जीवों में किसी न किसी रूप में अवश्य विद्यमान रहती है। यही व्यक्ति की कार्य क्षमता का प्रमाण होती है। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

कार्य करने की क्षमता को योग्यता कहते हैं। यह सभी जीवों में किसी न किसी रूप में अवश्य विद्यमान रहती है। यही व्यक्ति की कार्य क्षमता का प्रमाण होती है। विविध शैक्षिक संसाधनों के माध्यम से इसे अर्जित और विस्तारित किया जा सकता है। सामाजिक उत्थान और देश की प्रगति के लिए योग्य एवं ईमानदार नागरिकों की आवश्यकता होती है। इस हेतु उत्कृष्ट शैक्षिक योजना का क्रियान्वयन आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति में गुणवता का आह्वान कर योग्यता का निर्धारण करती है। पारिवारिक पृष्ठभूमि उसे मजबूत आधार प्रदान करती है। बच्चे में इसके प्रकटिकरण का आभास सर्वप्रथम माता-पिता को होता है। वही उसकी योग्यता के परखकर तद्नुरूप उत्तरदायित्व सौंपने के लिए उत्तरदायी होते हैं। इससे कार्य के प्रति निष्ठा जागृत होती है और कार्य सिद्ध अवश्यंभावी हो जाती है। अन्यथा असफल होने पर जीवन में अवसाद का प्रवेश होता है, जिससे होने वाली सामाजिक एवं राष्ट्रीय क्षति का अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता।

महाराज दशरथ और रानी कैकेयी इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। जहाँ महाराज दशरथ राम को अवध का राज्य देना चाहते है, वहीं कैकेयी राम एवं भरत दोनों की योग्यताओं को पहचानती हैं। उन्हें सम्यक ज्ञान था कि भरत में भी अयोध्या का राज्य सँभालने की योग्यता है, किंतु राम अधर्मी राक्षसों का संहार कर संपूर्ण जगत का मंगल कर सकते हैं । इसीलिए दुनिया में होने वाली अपकीर्ति की परवाह न करके भी भरत के लिए अवध का राज्य तथा राम के लिए वनवास याचना की।

अतः संतान को जन्म देना ही माता-पिता का कर्तव्य नहीं है। योग्य नागरिक बनाकर योग्यतानुसार राष्ट्र-निर्माण में नियोजित करना उससे बड़ा दायित्व है।

(दैनिक जागरण)

(क) व्यक्ति कि कार्यक्षमता का प्रमाण होता है-     (1)

  1. शक्ति
  2. योग्यता
  3. शिक्षा
  4. कौशल

(ख) उत्कृष्ठ शैक्षिक योजना कि आवश्यकता क्यों होती है?     (1)

  1. सांसाधन के विकास हेतु
  2. शिक्षा के प्रसार हेतु
  3. व्यक्तित्व निर्माण हेतु
  4. योग्यता निर्धारण हेतु

(ग) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प चुनिए:     (1)

कथन: कैकयी महाराज दशरथ से अधिक बुद्धिमान थी।

कारण: वह राम और भरत की योग्यताओं को अच्छी तरह जानती थी।

  1. कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
  2. कथन और कारण दोनों सही हैं।
  3. कथन गलत है और कारण सही है।
  4. कथन और कारण दोनों गलत हैं।

(घ) देश की प्रगति के लिए योग्य एवं ईमानदार नागरिकों की आवश्यकता क्यों होती है?     (2)

(ङ) महाराज दशरथ और रानी कैकयी के उदाहरण से आप क्या समझते हैं?     (2)

आकलन
Advertisements

उत्तर

(क) योग्यता

(ख) योग्यता निर्धारण हेतु

(ग) कथन और कारण दोनों सही हैं।

(घ) देश की प्रगति के लिए योग्य एवं ईमानदार नागरिकों की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि ऐसे नागरिक ही राष्ट्र के निर्माण में अपना श्रम, ज्ञान और निष्ठा लगाते हैं। वे समाज में सद्भाव, सत्य और परिश्रम की भावना फैलाते हैं जिससे देश का सर्वांगीण विकास होता है।

(ङ)

  • योग्यता की परख में सावधानी बरतने के लिए।
  • निर्णय भावनाओं से नहीं बुद्धि से।
  • कार्य क्षमता को समझकर ज़िम्मेदारी देना।
shaalaa.com
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2025-2026 (March) Board Sample Paper
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×