Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कारण बताइएः
निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फ़ाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
Advertisements
उत्तर १
कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों को आमतौर पर निष्कर्षण की प्रक्रिया के दौरान ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है क्योंकि धातुओं को उनके कार्बोनेट और सल्फाइड के बजाय उनके ऑक्साइड से आसानी से निकाला जा सकता है।
उत्तर २
अपचयन प्रक्रिया द्वारा धातुओं को उनके कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों की तुलना में उनके ऑक्साइड अयस्कों से निकालना आसान होता है। इसलिए, कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों को आमतौर पर धातु निष्कर्षण प्रक्रिया के दौरान ऑक्साइड में परिवर्तित कर दिया जाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्न पद की परिभाषा दीजिएः
खनिज
निम्न पद की परिभाषा दीजिएः
अयस्क
निम्न पद की परिभाषा दीजिएः
गैंग
दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?
जिंक, मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइडों को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गयाः
| धातु | जिंक | मैग्नीशियम | कॉपर |
| जिंक ऑक्साइड | - | - | - |
| मैग्नीशियम ऑक्साइड | - | - | - |
| कॉपर ऑक्साइड | - | - | - |
किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी?
किसी धातु M के विद्युत अपघटनी परिष्करण में आप ऐनोड, कैथोड एवं विद्युत अपघट्य किसे बनाएँगे?
जब ऐलुमिनियम पाउडर को MnO2 के साथ गरम किया जाता है तो निम्नलिखित अभिक्रया होती है -
3MnO2(s) + 4Al(s) → 3Mn(l) + 2AL2O3(I) + ऊष्मा
- क्या ऐलुमिनियम का अपचयन हो रहा है?
- क्या MnO2 का ऑक्सीकरण हो रहा है?
- कॉपर को उसके अयस्क से निष्कर्षण हेतु पद नीचे दिए गए हैंसंबंधित अभिक्रियाएँ लिखिए।
- कॉपर (I) सल्फाइड का भंजन
- कॉपर (I) ऑक्साइड के साथ
- कॉपर (I) सल्फाइड का अपचयनविद्युत अपघटनी परिष्करण
- कॉपर के विद्युत अपघटनी परिष्करण के लिए एक स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाइए।
दो अयस्क A तथा B लिए गए। अयस्क A, गरम करने पर CO2 देता हैजबकि Bगरम करने पर SO2 देता हैइनको धातुओं में परिवर्तित करने के लिए आप कौन से पद काम में लेंगे।
