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प्रश्न
कारण बताइएः
निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फ़ाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
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उत्तर १
कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों को आमतौर पर निष्कर्षण की प्रक्रिया के दौरान ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है क्योंकि धातुओं को उनके कार्बोनेट और सल्फाइड के बजाय उनके ऑक्साइड से आसानी से निकाला जा सकता है।
उत्तर २
अपचयन प्रक्रिया द्वारा धातुओं को उनके कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों की तुलना में उनके ऑक्साइड अयस्कों से निकालना आसान होता है। इसलिए, कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों को आमतौर पर धातु निष्कर्षण प्रक्रिया के दौरान ऑक्साइड में परिवर्तित कर दिया जाता है।
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संबंधित प्रश्न
निम्न पद की परिभाषा दीजिएः
अयस्क
धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?
जिंक, मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइडों को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गयाः
| धातु | जिंक | मैग्नीशियम | कॉपर |
| जिंक ऑक्साइड | - | - | - |
| मैग्नीशियम ऑक्साइड | - | - | - |
| कॉपर ऑक्साइड | - | - | - |
किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी?
निम्न में कौन सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता हैः
कारण बताइएः
ऐलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने के लिए किया जाता है।
एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचाया। कोई संदेह किए बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नए की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उनका वजन अत्यंत कम हो जाता है। वह महिला बहुत दुखी होती है तथा तर्क-वितर्क के पश्चात उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं।
जब ऐलुमिनियम पाउडर को MnO2 के साथ गरम किया जाता है तो निम्नलिखित अभिक्रया होती है -
3MnO2(s) + 4Al(s) → 3Mn(l) + 2AL2O3(I) + ऊष्मा
- क्या ऐलुमिनियम का अपचयन हो रहा है?
- क्या MnO2 का ऑक्सीकरण हो रहा है?
जिंक के अयस्क से इस धातु के निष्कर्षण के दौरान निम्नलिखित प्रक्रमों से संबंधित रासायनिक अभिक्रियाएँ दीजिए।
- जिंक अयस्क का भंजन
- जिंक अयस्क का निस्तापन
- कॉपर को उसके अयस्क से निष्कर्षण हेतु पद नीचे दिए गए हैंसंबंधित अभिक्रियाएँ लिखिए।
- कॉपर (I) सल्फाइड का भंजन
- कॉपर (I) ऑक्साइड के साथ
- कॉपर (I) सल्फाइड का अपचयनविद्युत अपघटनी परिष्करण
- कॉपर के विद्युत अपघटनी परिष्करण के लिए एक स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाइए।
एक तत्व A वायु में सुनहरी ज्वाला से जलता है। यह अन्य तत्व B (परमाणु क्रमांक 17 ) से अभिक्रिया पर उत्पाद C देता है। उत्पाद C का जलीय विलयन विद्युत अपघटन पर यौगिक D देता है तथा हाइड्रोजन मुक्त करता है। A, B, C तथा D को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।
