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दो अयस्क A तथा B लिए गए। अयस्क A, गरम करने पर CO2 देता हैजबकि Bगरम करने पर SO2 देता हैइनको धातुओं में परिवर्तित करने के लिए आप कौन से पद काम में लेंगे।

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प्रश्न

दो अयस्क A तथा B लिए गए। अयस्क A, गरम करने पर CO2 देता हैजबकि Bगरम करने पर SO2 देता हैइनको धातुओं में परिवर्तित करने के लिए आप कौन से पद काम में लेंगे। 

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

अयस्क A गर्म करने पर कार्बन डाइऑक्साइड देता है अर्थात् यह कार्बोनेट अयस्क है। धातु के निष्कर्षण के लिए, अयस्क A को पहले पिघलाया जाता है और फिर शुद्ध धातु प्राप्त करने के लिए अपचयित किया जाता है।

निस्तापन: संबंधित धातु के ऑक्साइड को प्राप्त करने के लिए अयस्क A को उसके गलनांक से नीचे हवा की अनुपस्थिति में गर्म किया जाता है।

`"ACO"_3overset("ऊष्मा")(->) "AO" + "CO"_2`

अपचयन : निस्तापन प्रक्रिया के बाद बनने वाले धातु ऑक्साइड को शुद्ध धातु प्राप्त करने के लिए कोक के साथ और कम किया जाता है।

`"AO" + "C" overset("ऊष्मा")(->) "A" + "CO"`

अयस्क B गर्म करने पर सल्फर डाइऑक्साइड देता है अर्थात यह सल्फाइड अयस्क है। धातु के निष्कर्षण के लिए अयस्क B को पहले भुना जाता है और फिर शुद्ध धातु प्राप्त करने के लिए अपचयित किया जाता है। भर्जन (Roasting) अयस्क बी को संबंधित धातु का ऑक्साइड प्राप्त करने के लिए उसके गलनांक से नीचे वायु की उपस्थिति में गर्म किया जाता है।

`2"BS" + 3"O"_3 overset("ऊष्मा")(->) 2"BO" + 2"SO"_2`

अपचयन: भूनने के बाद बनने वाले धातु ऑक्साइड को शुद्ध धातु प्राप्त करने के लिए कार्बन के साथ अपचयित किया जाता है।

`"BO" + "C" overset("ऊष्मा")(->) "B" + "CO"`

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धातुओं की प्राप्ति
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: धातु एवं अधातु - Exemplar [पृष्ठ २७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Vigyan Exemplar [Hindi] Class 10
पाठ 3 धातु एवं अधातु
Exemplar | Q 65. | पृष्ठ २७
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