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ज़ाइलम ऊतक में जड़ों, तनों और पत्तियों की वाहिकाएँ और वाहिनिकाएँ आपस में जुड़कर, जल-संवहन वाहिकाओं का एक सतत जाल बनाती हैं, जो पादप के सभी भागों से संबद्ध होता है। - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

ज़ाइलम ऊतक में जड़ों, तनों और पत्तियों की वाहिकाएँ और वाहिनिकाएँ आपस में जुड़कर, जल-संवहन वाहिकाओं का एक सतत जाल बनाती हैं, जो पादप के सभी भागों से संबद्ध होता है। व्याख्या कीजिए कि यह किस प्रकार प्राप्त होता है।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

ज़ाइलम ऊतक में, वाहिकाएँ और वाहिनिकाएँ मृत, लंबी कोशिकाएँ होती हैं जो एक-दूसरे से सिरे से सिरा मिलाकर व्यवस्थित होती हैं।

  1. वाहिकाओं की अंतिम दीवारें छिद्रित होती हैं, जिससे पानी के परिवहन के लिए लगातार खोखली नलियाँ बन जाती हैं।
  2. वाहिनिकाओं की दीवारों पर गड्ढे होते हैं, जो पानी को एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जाने देते हैं।
  3. ये आपस में जुड़ी हुई वाहिकाएँ और वाहिनिकाएँ जड़ों से लेकर तनों और पत्तियों तक फैली होती हैं, और पूरे पौधे में पानी ले जाने वाला एक लगातार मार्ग बनाती हैं।
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2025-2026 (March) 31/3/2
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