Advertisements
Advertisements
प्रश्न
जात्र्या के परिवार जैसे लाखों परिवार अलग-अलग कारणों से बड़े शहरों में रहने के लिए जाते हैं। मगर इन बड़े शहरों में उनकी ज़िंदगी क्या पहले से अच्छी होती है? बड़े शहरों में उन्हें किस तरह के अनुभव होते होंगे?
Advertisements
उत्तर
बहुत सारे लोग प्रत्येक वर्ष कई कारणों से बड़े शहरों में जाकर बस जाते हैं। बड़े शहर का जीवन गाँव तथा छोटे जगहों की तुलना में ज्यादा मुश्किल तथा अलग होता है। हालाँकि बड़े शहरों में रोजगार के ज्यादा अवसर होते हैं, परन्तु वहाँ चुनौतियाँ भी बहुत ज्यादा होती हैं। गाँव की तुलना में लोगों को बहुत ही कम जगह से समझौता करना पड़ता है। गरीब लोग गन्दी जगहों में रहने को विवश हो जाते हैं। हालाँकि वे लोग अपनी गाँव की तुलना में ज्यादा पैसे कमाते हैं परन्तु शहर की मॅहगाई की वजह से वे पैसे नहीं बचा पाते तथा अच्छी जिंदगी नहीं जी पाते हैं। उन्हें कई तरह से समझौता करना पड़ता है। कई बार उन्हें भाषा तथा रहन-सहन के अंतर के कारण भी काफी समस्याएँ उठानी पड़ती है। वे प्रायः अलग तरह की संस्कृति तथा रहने, पहनने, खाने पीने आदि के तरीकों के कारण मखौल का विषय बने रहते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
जात्र्या जैसे परिवार बड़े शहरों में क्यों आते होंगे?
ये बच्चे किस तरह के काम करते हैं? क्यों करने पड़ते होंगे?
जात्र्या के गाँव के कई लोगों को अपने जंगल-ज़मीन छोड़ना मंजूर न था। ऐसा क्यों? न चाहते हुए भी उन्हें अपना गाँव छोड़ना ही पड़ा। सोचो क्यों?
क्या तुम कोई ऐसी जगह जानते हो, जहाँ स्कूल है ही नहीं?
क्या सिंदूरी गाँव जात्र्या के सपनों के गाँव जैसा था?
क्या तुम कभी किसी के घर ‘बिन-बुलाए मेहमान' थे? कैसा लगा?
जब तुम्हारे यहाँ कुछ दिन मेहमान रहने आते हैं, तब तुम्हारे परिवार वाले क्या-क्या करते हैं?
जात्र्याभाई ने क्या सोचकर मुंबई जाने की ठानी? क्या उन्हें मुंबई वैसा ही मिला?
क्या उनकी भाषा और रहन-सहन यहाँ के लोगों से अलग है? कैसे?
उनकी भाषा के कुछ शब्द सीखकर लिखो।
