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प्रश्न
“इतनी भारी साड़ी क्यों पहनी?”
यहाँ पर ‘भारी साड़ी’ से क्या मतलब है?
पर्याय
साड़ी का वज़न ज्यादा था।
साड़ी पर बड़े-बड़े नमूने बने हुए थे।
साड़ी पर बेल-बूटों की कढ़ाई थी।
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उत्तर
साड़ी पर बेल-बूटों की कढ़ाई थी।
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अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?
वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-
आरिफ ने
वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-
अम्मी ने
वह एक दिन बहुत अनोखा था जब बच्चों को बड़ों के अधिकार मिल गए थे। वह दिन बीत जाने पर इन्होंने क्या सोचा होगा-
दादी ने
“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”
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“… आज तो उनके सारे अधिकार छीने जा चुके हैं।”
उन्होंने अम्मी के कौन-कौन से अधिकार छीने होंगे?
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"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"
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"रोज़ की तरह आज वह तर माल अपने लिए न रख सकती थी।"
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