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प्रश्न
“इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें” − गांधीजी ने यह किसके लिए और किस संदर्भ में कहा?
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उत्तर
गांधी जी एक बार रास गए। वहाँ उनका भव्य स्वागत हुआ। वहाँ सबसे आगे रास लोग रहते हैं जो दरबार कहलाते हैं। एक तरह से ये राजा की तरह होते हैं। ये रियासत के मालिक होते हैं। गोपालदास और रविशंकर महाराज जो दरबार थे, वहाँ मौजूद थे। ये दरबार लोग अपना सब कुछ छोड़कर यहाँ आकर बस गए थे। उनका यह त्याग एवं हिम्मत सराहनीय है। गांधी जी ने इन्हीं के जीवन से प्रेरणा लेने को लोगों से कहा कि इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें।
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अ, नि, अन, दुर, वि, कु, पर, सु, अधि
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आर्य |
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आगत |
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डर |
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आकर्षण |
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क्रय |
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मार्ग |
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उपस्थित |
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लोक |
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नायक |
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भाग्य |
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दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
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