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‘अतिथि देवो भव’ उक्ति की व्याख्या करें तथा आधुनिक युग के संदर्भ में इसका आकलन करें। - Hindi Course - B

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प्रश्न

‘अतिथि देवो भव’ उक्ति की व्याख्या करें तथा आधुनिक युग के संदर्भ में इसका आकलन करें।

टीपा लिहा
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उत्तर

भारतीय संस्कृति में अतिथि को देवता का दर्जा दिया गया है। उसे देवता के समान मानकर उसका आदर सत्कार किया जाता है। आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य मशीनी जीवन जी रहा है। उसके पास अपने परिवार के लिए समय नहीं रह गया है तो अतिथि के लिए समय कैसे निकाले। इसके अलावा महँगाई के इस युग में जब अपनी जरूरतें पूरी करना कठिन हो रहा तो अतिथि का सत्कार जेब काटने लगता है। ऐसे में मनुष्य को अतिथि से दूर ही रहना चाहिए।

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गद्य (Prose) (Class 9 B)
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पाठ 3: शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि - योग्यता विस्तार [पृष्ठ ३४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 3 शरद जोशी - तुम कब जाओगे, अतिथि
योग्यता विस्तार | Q 1 | पृष्ठ ३४

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