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प्रश्न
हाबर विधि में प्रयुक्त हाइड्रोजन को प्राकृतिक गैस से प्राप्त मेथेन को उच्च ताप की भाप से क्रिया कर बनाया जाता है। दो पदों वाली अभिक्रिया में प्रथम पद में CO एवं H2 बनती हैं। दूसरे पद में प्रथम पद में बनने वाली CO और अधिक भाप से अभिक्रिया करती है।
\[\ce{CO(g) + H2O(g) ⇌ CO2(g) + H2(g)}\]
यदि 400°C पर अभिक्रिया पात्र में co एवं भाप का सममोलर मिश्रण इस प्रकार लिया जाए कि pCO = PH2O = 4.0 bar, H2 का साम्यावस्था पर आंशिक दाब क्या होगा? 400°C पर Kp = 10.1
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उत्तर
माना साम्यावस्था पर H2 का आंशिक दाब p bar है।
| CO(g) | + | H2O(g) | ⇌ | CO2(g) | + | H2(g) | |
| प्रारंभिक दाब | 4.0 bar | 4.0 bar | 0 | 0 | |||
| साम्य पर | (4.0 - p) | (4.0 - p) | p | p |
Kp = 10.1 ........(दिया है)
अब Kp = `("p" xx "p")/((4 - "p")(4 - "p"))`
10.1 = `"p"^2/(4 - "p")^2`
`"p"/(4 - "p") = sqrt10.1`
`"p"/(4 - "p")` = 3.1780
p = 3.1780(4 − p)
p = 12.712 − 3.178p
4.178p = 12.712
p = `12.712/4.178`
p = 3.04 bar
अतः हाइड्रोजन का साम्यावस्था पर आंशिक दबाव 3.04 bar है।
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