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घर से स्कूल तक के सफ़र में आज आपने क्या-क्या देखा और अनुभव किया? लिखें और अपने लेख को एक अच्छा-सा शीर्षक भी दें।

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प्रश्न

घर से स्कूल तक के सफ़र में आज आपने क्या-क्या देखा और अनुभव किया? लिखें और अपने लेख को एक अच्छा-सा शीर्षक भी दें।

लेखन कौशल्य
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उत्तर

एक यादगार सफ़र

आज सुबह मैं घर से स्कूल के लिए निकला। रास्ते में सबसे पहले मैंने सड़क पर लोगों की चहल-पहल देखी। कुछ लोग अपने काम पर जा रहे थे और बच्चे स्कूल की वर्दी में अपने माता-पिता के साथ जा रहे थे।

रास्ते में पेड़ों पर बैठे पक्षियों की चहचहाहट सुनाई दे रही थी। सड़क के किनारे फल और सब्जियों की दुकानें लगी थीं। चाय की दुकानों पर लोग चाय पीते हुए बातचीत कर रहे थे। सड़क पर बस, कार, ऑटो और मोटरसाइकिलों की आवाजाही से काफी शोर था।

थोड़ा आगे बढ़ने पर मैंने देखा कि कुछ बच्चे खेल रहे थे और एक बुज़ुर्ग व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे। मैंने उनकी मदद की। इससे मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। रास्ते में फूलों की खुशबू और सुबह की ठंडी हवा ने मेरा मन प्रसन्न कर दिया।

स्कूल के पास पहुँचते ही विद्यार्थियों की भीड़ दिखाई देने लगी। सभी बच्चे हँसते-बोलते हुए स्कूल की ओर जा रहे थे। इस छोटे-से सफ़र में मैंने महसूस किया कि हमारे आसपास की दुनिया में हर दिन बहुत कुछ देखने और सीखने को मिलता है।

घर से स्कूल तक का यह सफ़र मेरे लिए केवल रास्ता तय करना नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के जीवन को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर है।

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पाठ 13: नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन - पाठ से संवाद [पृष्ठ १६२]

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एनसीईआरटी Hindi Abhivyakti aur Madhyam Class 11 and 12
पाठ 13 नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन
पाठ से संवाद | Q 3. | पृष्ठ १६२
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