Advertisements
Advertisements
प्रश्न
घर में लोग तुम्हें कहते होंगे, "खाना धीरे-धीरे खाओ, ठीक से चबाओ, खाना अच्छे से पचेगा"। सोचो, वे ऐसा क्यों कहते होंगे?
Advertisements
उत्तर
मेरी माँ हमेशा कहती है कि खाना धीरे-धीरे खाओ, चबा कर खाओ। क्योंकि खाना पचाने के लिए उसे अच्छी तरह चबाना आवश्यक होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
झूलन ने झुम्पा को नींबू के रस की कुछ बूँदें चखाईं। क्या कुछ बूँदों से स्वाद का पता चल सकता है?
अगर तुम्हारी जीभ पर सौंफ के दाने रखें, तो क्या तुम बिना चबाए उसे पहचान पाओगे? कैसे?
खेल में झुम्पा ने मछली कैसे पहचान ली? वे कौन-सी चीज़ें हैं, जो तुम बिना देखे और चखे, केवल सूँघकर पहचान सकते हो?
शीशे के सामने खड़े होकर अपनी जीभ की सतह को ध्यान से देखो। कैसी दिखती है? क्या जीभ पर कुछ दाने-दाने जैसे दिखते हैं?
स्वाद बताने के लिए कुछ शब्द ढूँढ़ो और खुद से सोचकर बनाओ।
सोचो, हमारे मुँह में लार क्या-क्या काम करती होगी?
अगर डॉ. बोमोंट की जगह तुम होते तो पेट के रहस्य जानने के लिए क्या-क्या प्रयोग करते? उन प्रयोगों के नतीजे भी बताओ?
क्या कैलाश को खेल-कूद में दिलचस्पी होगी?
दादा-दादी से पूछो कि जब वे तुम्हारी उम्र के थे तब वे एक दिन में क्या-क्या काम करते थे? क्या खाते थे और कितना?
अब तुम अपना सोचो, तुम जो खाते हो और जो काम करते हो।
क्या आपके द्वारा की गई चीज़ें/बातें बड़ों जैसी हैं या उनसे अलग?
क्या तुम किसी ऐसे बच्चे को जानते हो जिसे दिनभर में खाने को कुछ नहीं मिलता? इसके क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
