Advertisements
Advertisements
प्रश्न
शीशे के सामने खड़े होकर अपनी जीभ की सतह को ध्यान से देखो। कैसी दिखती है? क्या जीभ पर कुछ दाने-दाने जैसे दिखते हैं?
Advertisements
उत्तर
हाँ, मेरी जीभ पर दाने-दाने जैसे दिखते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अगर तुम्हारी जीभ पर सौंफ के दाने रखें, तो क्या तुम बिना चबाए उसे पहचान पाओगे? कैसे?
क्या तुम्हारे घर पर किसी ने तुम्हें नाक बंद करके दवाई पीने को कहा है? वे ऐसा क्यों कहते होंगे?
अलग-अलग स्वाद की कुछ चीज़ें इकट्ठी करो और अपने साथी के साथ झूलन और झुम्पा की तरह खेल खेलो। अपने साथी को चीज़ें चखाओ और पूछो -
स्वाद कैसा था? खाने की चीज़ क्या थी?
अलग-अलग स्वाद की कुछ चीज़ें इकट्ठी करो और अपने साथी के साथ झूलन और झुम्पा की तरह खेल खेलो। अपने साथी को चीज़ें चखाओ और पूछो -
कुछ खाने की चीज़ों को मुँह के किसी और हिस्से पर रखो-होंठ, तालू, जीभ के नीचे। क्या कहीं और भी स्वाद का पता चला?
जीभ के अगले हिस्से को किसी साफ़ कपड़े से पोंछो ताकि वह सूखी हो जाए। अब वहाँ चीनी के कुछ दाने या शक्कर रखो। क्या कुछ स्वाद आया? सोचो, ऐसा क्यों हुआ होगा।
अगर कोई हम से पूछे कि कच्चे आँवले या खीरे का क्या स्वाद है तो हमें सोचना पड़ेगा।
तुम खाने की इन चीज़ों, जैसे - टमाटर, प्याज़, सौंफ़, लौंग, आदि का क्या स्वाद बताओगे?
स्वाद बताने के लिए कुछ शब्द ढूँढ़ो और खुद से सोचकर बनाओ।
घर में लोग तुम्हें कहते होंगे, "खाना धीरे-धीरे खाओ, ठीक से चबाओ, खाना अच्छे से पचेगा"। सोचो, वे ऐसा क्यों कहते होंगे?
क्या तुम दो दिन तक पानी के बिना रह सकते हो? सोचो, जो पानी हम पीते हैं, वह कहाँ जाता होगा?
तुम्हें याद होगा कि तुमने चौथी कक्षा में नमक-चीनी का घोल बनाया था। नीतू के पिताजी ने भी उसे यही घोल दिया। सोचो, उल्टी-दस्त होने पर यह घोल क्यों देते होंगे?
