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गलत कथनों को चिह्नित कीजिए। (i) उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है। (ii) उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।

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प्रश्न

गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।

  1. उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
  2. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
  3. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
  4. उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

(ii) उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।

(iv) उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।

स्पष्टीकरण -

(i) जैसे ही उत्प्रेरक को प्रतिक्रिया में जोड़ा जाता है, अणु की सक्रियता ऊर्जा कम होने से प्रतिक्रिया की मध्यम दर बढ़ जाती है। इसलिए, यह एक वैकल्पिक मार्ग का अनुसरण करता है।

(ii) उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैपी परिवर्तन को नहीं बदलता है। 'अभिकारक तथा उत्पाद की ऊर्जा उत्प्रेरित तथा उत्प्रेरित दोनों अभिक्रियाओं में समान रहती है।

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५६]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q II. 30. | पृष्ठ ५६

संबंधित प्रश्‍न

परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।


विभिन्न तापों पर N2O5 के अपघटन के लिए वेग स्थिरांक नीचे दिए गए हैं –

T/°C 0 20 40 60 80
105 × k/s–1 0.0787 1.70 25.7 178 2140

In k एवं 1/T के मध्य ग्राफ खींचिए तथा A एवं Ea की गणना कीजिए। 30°C तथा 50°C पर वेग स्थिरांक को प्रागुक्त कीजिए।


किसी अभिक्रिया \[\ce{A -> {उत्पाद}}\] के लिए k = 2.0 × 10−2 s−1 है। यदि A की प्रारंभिक सांद्रता 1.0 mol L−1 हो तो 100 s पश्चात् इसकी सांद्रता क्या रह जाएगी?


10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol−1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s−1 होगा?


निम्नलिखित अरेनियस समीकरण पर विचार कीजिए और सही विकल्प पर निशान लगाइए।

κ = `"Ae"^(-"E"_"a"//"RT")`


निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-

(क)

(ख) 

(ग) 


यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।

\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]

किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।

प्रयोग [A] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[B] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[C] के बनने की
प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1
1. 0.30 0.30 0.10
2. 0.30 0.60 0.40
3. 0.60 0.30 0.20

सामान्यत:, अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है?


किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारित क्यों नहीं कर सकते?


अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।

तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।


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