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प्रश्न
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
"शिरीष पुष्प केवल भौंरौं के पदों का कोमल दबाव सहन कर सकता है, पक्षियों का बिलकुल नहीं" −कथन का भाव 'शिरीष के फूल' पाठ के आधार पर कीजिए।
लघु उत्तर
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उत्तर
शिरीष की डालें कमजोर होती हैं, और इसके फूल संस्कृत साहित्य में कोमल माने गए हैं। इसी कारण कालिदास ने लिखा है कि शिरीष के फूल केवल भौंरों के पैरों का दबाव सहन कर सकते हैं, पक्षियों के पैरों का नहीं। लेखक को इस संदर्भ में उन नेताओं की याद आती है जो समय को नहीं पहचानते और केवल धक्का देने पर ही पद छोड़ते हैं। वह सोचता है कि यह अधिकार-लिप्सा वे समय रहते क्यों नहीं छोड़ देते?
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
