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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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फीचर लेखन पर स्नेहा ने बोलना प्रारंभ किया। रोचक प्रसंगों के साथ स्नेहा विद्यार्थियों को फीचर लेखन की विशेषताएँ बताने लगी, “अच्छा फीचर नवीनतम जानकारी से परिपूर्ण होता है। किसी घटना की सत्यता अथवा तथ्यता फीचर का मुख्य तत्त्व है। फीचर लेखन में राष्ट्रीय स्तर के तथा अन्य महत्त्वपूर्ण विषयों का समावेश होना चाहिए क्योंकि समाचारपत्र दूर-दूर तक जाते हैं। इतना ही नहीं; फीचर का विषय समसामायिक होना चाहिए। फीचर लेखन में भावप्रधानता होनी चाहिए क्योंकि नीरस फीचर कोई नहीं पढ़ना चाहता।” फीचर के विषय से संबंधित तथ्यों का आधार दिया जाना चाहिए। स्नेहा आगे बोलती जा रही थी, “विश्वसनीयता के लिए फीचर में विषय की तार्किकता को देना आवश्यक होता है। तार्किकता के बिना फीचर अविश्वसनीय बन जाता है। फीचर में विषय की नवीनता का होना आवश्यक है क्योंकि उसके अभाव में फीचर अपठनीय बन जाता है। फीचर में किसी व्यक्ति अथवा घटना विशेष का उदाहरण दिया गया हो तो उसकी संक्षिप्त जानकारी भी देनी चाहिए। पाठक की मानसिक योग्यता और शैक्षिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर फीचर लेखन किया जाना चाहिए। उसे प्रभावी बनाने हेतु प्रसिद्ध व्यक्तियों के कथनों, उद्धरणों, लोकोक्तियों और मुहावरों का प्रयोग फीचर में चार चाँद लगा देता है।'' |
- कृति पूर्ण कीजिए: (२)

- निम्नलिखित शब्दों के लिए विलोम शब्द गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (२)
- पठनीय × -----------
- विस्तार × -----------
- पास × -----------
- बुरा × -----------
- ‘आज के युग में रोजगार का महत्त्व’ इस विषय पर ४० से ५० शब्दों में अपने विचार लिखिए। (२)
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उत्तर

- पठनीय × अपठनीय
- विस्तार × सक्षिप्त, संक्षेप
- पास × दूर
- बुरा × अच्छा
- आज की तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या, कृषि भूमि का लगातार छोटे हिस्सों में बँटते जाना और पारिवारिक संबंधों में पहले जैसा सामंजस्य न रह जाने के कारण रोजगार का महत्त्व काफी बढ़ गया है। इसी कारण, युवा होते ही हर व्यक्ति नौकरी या काम की तलाश में लग जाता है। पहले के समय में खेती एक मुख्य रोजगार का साधन हुआ करती थी और छोटे-बड़े किसान अपने परिवार का भरण-पोषण खेती से ही कर लेते थे। लेकिन अब शिक्षा के प्रसार से गाँव और शहर दोनों जगह शिक्षित लोगों की संख्या बहुत अधिक हो गई है। रोजगार चाहने वालों की संख्या तो बढ़ गई है, पर उपलब्ध नौकरियाँ कम हैं। इसलिए यह ज़रूरी हो गया है कि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जाएँ। इसके लिए सरकार को विभिन्न योजनाओं की शुरुआत करनी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को काम मिल सके।
