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दूसरे वचन में ईश्वर से क्या कामना की गई है और क्यों? - Hindi (Core)

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प्रश्न

दूसरे वचन में ईश्वर से क्या कामना की गई है और क्यों?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

दूसरे वचन में ईश्वर से सब कुछ छीन लेने की कामना की गई है। कवयित्री ईश्वर से प्रार्थना करती है कि वह उससे सभी तरह के भौतिक साधन, संबंध छीन ले। वह ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न करे कि वह भीख माँगने के लिए मजबूर हो जाए। इससे उसका अहभाव नष्ट हो जाएगा। दूसरे, भूख मिटाने के लिए जब वह झोली फैलाए तो उसे भीख न मिले। अगर कोई देने के लिए आगे आए तो वह भीख नीचे गिर जाए। जमीन पर गिरी भीख को भी कुत्ता झपटकर ले जाए। वस्तुत: कवयित्री ईश्वर से सांसारिक लगाव को समाप्त करने के लिए कामना करती है ताकि वह ईश्वर में ध्यान एकाग्र भाव से लगा सके।

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हे भूख! मत मचल
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पाठ 2.08: हे भूख! मत मचल, हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर - अभ्यास [पृष्ठ १७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
पाठ 2.08 हे भूख! मत मचल, हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर
अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ १७२
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