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प्रश्न
दत्ता जी राव से पिता पर दबाव डलवाने के लिए लेखक और उसकी माँ को एक झूठ का सहारा लेना पड़ा। यदि झूठ का सहारा न लेना पड़ता तो आगे का घटनाक्रम क्या होता?
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उत्तर
अनुमान लगाएँ। दत्ता जी राव से पिता पर दबाव डलवाने के लिए लेखक और उसकी माँ को एक झूठ का सहारा लेना पड़ा। यदि दोनों ने झूठ का सहारा नहीं लिया. होता तो दत्ता जी राव उसके पिता पर दबाव नहीं दे पाते। लेखक पिता द्वारा दिए गए ही काम करता। उसकी पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पाती। वह सारा जीवन खेती में ही लगा रहता। इस झूठ के बिना हमें यह प्रेरणादायक कहानी भी नहीं मिल पाती। इस तरह कभी-कभी एक झूठ भी मनुष्य व समाज का विकास करने में सक्षम साबित होता है।
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