मराठी

दो द्रवों A और B के द्विअंगी मिश्रण में से संघटकों को आसवन द्वारा अलग किया जा रहा था। कुछ समय पश्चात् संघटकों का अलग होना रूक गया और वाष्प तथा द्रव प्रावस्था का संघटन एकसमान।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

दो द्रवों A और B के द्विअंगी मिश्रण में से संघटकों को आसवन द्वारा अलग किया जा रहा था। कुछ समय पश्चात् संघटकों का अलग होना रूक गया और वाष्प तथा द्रव प्रावस्था का संघटन एकसमान हो गया तथा आसुत में दोनों ही संघटक आने लगे। स्पष्ट कीजिए ऐसा क्यों हुआ।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

चूँकि दोनों अवयव आसुत में प्राप्त हो रहे हैं और द्रव तथा वाष्य प्रावस्था का संघटन एकसमान है, इससे पता लगता है कि द्रवों ने स्थिरक्वाथी मिश्रण बना लिया है और इस स्थिति में इन्हें आसवन द्वारा पृथक नहीं किया जा सकता।

shaalaa.com
द्रवीय विलयनों का वाष्प दाब
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: विलयन - अभ्यास [पृष्ठ २६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 2 विलयन
अभ्यास | Q III. 36. | पृष्ठ २६

संबंधित प्रश्‍न

एक बीकर में पदार्थ 'A' का विलयन रखा है। इसमें 'A" की थोड़ी सी मात्रा मिलाने से पदार्थ अवक्षेपित हो जाता है। यह ______ विलयन है।


हाइड्रोजन आबंधन का बनना, टूटना और मजबूती को दृष्टिगत रखते हुए अनुमान लगाइए कि निम्नलिखित मिश्रणों में से कौन-सा राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाएगा?


निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।

सूचना-

  1. ब्रोमोएथेन और क्लोरोएथेन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराओणिकक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं के लगभग बराबर हैं।
  2. एथेनॉल और ऐसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिव्वक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से प्रबल हैं।
  3. क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।

निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।

सूचना- मेथेनॉल में ऐसीटोन मिलाने पर मेथेनॉल अणुओं के मध्य उपस्थित कुछ हाइड्रोजन आबंध टूट जाते हैं।


वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।

  1. यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
  2. यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
  3. यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
  4. यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।

एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।

कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।


ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?


निम्नलिखित विलयन के लिए राउल्ट के नियम का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विलयन का कल वाष्प दाब अवयवों के मोल अंश से कैसे संबद्ध है?

NaCl (s) तथा H2O (l)


द्रव विलयनों के अणुओं के मध्य प्रचालित अन्योन्य बलों के संदर्भ में आदर्श एवं अनादर्श विलयन पदों को समझाइए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×