मराठी

देश की सीमा पर बैठे फ़ौजी किस तरह की कठिनाइयों से जूझते हैं? उनके प्रति हमारा क्या उत्तरदायित्व होना चाहिए? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

देश की सीमा पर बैठे फ़ौजी किस तरह की कठिनाइयों से जूझते हैं? उनके प्रति हमारा क्या उत्तरदायित्व होना चाहिए?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

हमारे सैनिकों (फौजी) भाईयों को उन बर्फ से भरी ठंड में ठिठुरना पड़ता है। जहाँ पर तापमान शून्य से भी नीचे गिर जाता है। वहाँ नसों में खून को जमा देने वाली ठंड होती है। वह वहाँ सीमा की रक्षा के लिए तैनात रहते हैं और हम आराम से अपने घरों पर बैठे रहते हैं। वे हमारे लिए अपने प्राणों का बलिदान करते हैं, एक सजग प्रहरी की तरह सीमा की रक्षा करते हैं। हमें चाहिए कि हम उनके व उनके परिवार वालों के प्रति सदैव सम्माननीय व्यवहार करें। जिस तरह वह अपने कर्त्तव्यों का निर्वाह करते हैं, हमें उनके परिवार वालों का ध्यान रख उसी तरह अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उनका अनादार नहीं करना चाहिए, सदैव उनको अपने से पहले प्राथमिकता देनी चाहिए फिर चाहें वो किसी भी जगह हों। इसके द्वारा हम कुछ हद तक अपने कर्त्तव्यों का निर्वाह कर सकते हैं।

shaalaa.com
साना-साना हाथ जोड़ि...
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: साना-साना हाथ जोड़ि - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kritika Part 2 Class 10
पाठ 3 साना-साना हाथ जोड़ि
प्रश्न-अभ्यास | Q 16 | पृष्ठ ३०

संबंधित प्रश्‍न

झिलमिलाते सितारों की रोशनी में नहाया गंतोक लेखिका को किस तरह सम्मोहित कर रहा था?


कभी श्वेत तो कभी रंगीन पताकाओं का फहराना किन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है?


प्राकृतिक सौंदर्य के अलौकिक आनंद में डूबी लेखिका को कौन−कौन से दृश्य झकझोर गए?


सैलानियों को प्रकृति की अलौकिक छटा का अनुभव करवाने में किन−किन लोगों का योगदान होता है, उल्लेख करें।


प्रकृति ने जल संचय की व्यवस्था किस प्रकार की है?


रात के सम्मोहन में डूबी लेखिका अपने बाहर-भीतर एक शून्यता की स्थिति महसूस कर रही थी। लेखिका ऐसी स्थिति से कब और कैसे मुक्त हुई?


‘कवी-लोंग-स्टॉक’ के बारे में जितेन नार्गे ने लेखिका को क्या बताया?


ऊँचाई की ओर बढ़ते जाने पर लेखिका को परिदृश्य में क्या अंतर नज़र आए?


लेखिका ने किस चलायमान सौंदर्य को जीवन का आनंद कहा है? उसका ऐसा कहना कितना उचित है और क्यों?


लेखिका ने पहाड़ी औरतों और आदिवासी औरतों में क्या समानता महसूस की?


गरमियों में बरफ़ शिलाएँ पिघलकर हमारी प्यास बुझाती हैं? ऐसा लेखिका की सहेली ने किस संदर्भ में कहा? बढ़ते जल प्रदूषण को दूर करने के लिए आप क्या-क्या करना चाहेंगे?


देश की सीमा पर बैठे फ़ौजी कई तरह से कठिनाइयों का मुकाबला करते हैं। सैनिकों के जीवन से किन-किन जीवन मूल्यों को अपनाया जा सकता है?


नदी, फूलों, वादियों और झरनों के स्वर्गिक सौंदर्य के बीच किन दृश्यों ने लेखिका के हृदय को झकझोर दिया? ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।


"वहीं सुख, शांति और सुकून है, जहाँ अखंडित संपूर्णता है। पेड़, पौधे, पशु और आदमी सब अपनी-अपनी लय, ताल और गति में हैं। हमारी पीढ़ी ने प्रकृति की इस लय, ताल और गति से खिलवाड़ कर अक्षम्य अपराध किया है।" 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के आधार पर बताइए कि इस अक्षम्य अपराध का प्रायश्चित मनुष्य किस प्रकार कर सकता है?


“हम सभी नदियों और पर्वतों के ऋणी है”- कैसे? ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

'साना-साना हाथ जोड़ि' - की लेखिका अपनी यात्रा में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते चलती हैं। पाठ के किन्हीं दो प्रसंगों के उल्लेख के साथ लिखिए कि अगर आप उस स्थान पर होते तो क्या करते?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×