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भाव स्पष्ट कीजिए - छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूलबाँस था कि बबूल?

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प्रश्न

भाव स्पष्ट कीजिए -

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल
बाँस था कि बबूल?

स्पष्ट करा
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उत्तर

बच्चे का स्पर्श पाकर कोई भी कठोर हृदय जल के समान पिघल जाए। बच्चे के स्पर्श से बाँस तथा बबूल जैसे काँटेदार वृक्ष से भी फूल झरने लगते हैं। उसी प्रकार बच्चे का स्पर्श पाकर कवि का भी नीरस मन प्रफुल्लित हो जाता है।

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यह दंतुरित मुसकान
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पाठ 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३२]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. (ख) | पृष्ठ ३२

संबंधित प्रश्‍न

बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?


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मुस्कान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए।


दंतुरित मुसकान से बच्चे की उम्र का अनुमान लगाइए और तर्क सहित उत्तर दीजिए।


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यह दंतुरित मुसकान कविता में ‘बाँस और बबूल’ किसके प्रतीक बताए गए हैं? इन पर शिशु की मुसकान का के या असर होता है?


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शिशु के धूल लगे शरीर को देखकर कवि को कैसा लगा?


‘पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


शिशु किसे अनिमेष ताके जा रहा था और क्यों?


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‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने नारी को गरिमामय स्थान प्रदान किया है? इससे आप कितना सहमत हैं, स्पष्ट कीजिए।


“यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने किन्हें धन्य कहा है और क्यों?


'दंतुरित मुस्कान' का कवि स्वयं को चिर प्रवासी क्यों कह रहा है?


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

बच्चे की दंतुरित मुस्कान का किस-किस पर क्या-क्या प्रभाव पड़ता है? यह 'दंतुरित मुस्कान' कविता के आधार पर लिखिए।


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