मराठी

भाव स्पष्ट कीजिए - बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, घूँघट सरके। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भाव स्पष्ट कीजिए -

बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, घूँघट सरके।

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

प्रकृति के अन्य सभी रुपों पर मेघ के आने का प्रभाव पड़ा। नदी ठिठकी तथा उठकर ऊपर देखने की चेष्टा में उसका घूँघट सरक गया। वह भी मेघ के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थी।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 15: मेघ आए - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १२८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 15 मेघ आए
प्रश्न अभ्यास | Q 4.2 | पृष्ठ १२८

संबंधित प्रश्‍न

कवि ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है?


काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

हस्ती चढ़िए ज्ञान कौ, सहज दुलीचा डारि।
स्वान रूप संसार है, भूँकन दे झख मारि।


नाव किसका प्रतीक है? कवयित्री उसे कैसे खींच रही है?


‘न खाकर बनेगा अहंकारी’-कवयित्री ने ऐसा क्यों कहा है?


एक लकुटी और कामरिया पर कवि सब कुछ न्योछावर करने को क्यों तैयार है?


सखी ने गोपी से कृष्ण का कैसा रूप धरण करने का आग्रह किया था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।


कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी?


कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है?


कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है?


ब्रिटिश राज का गहना किसे कहा गया है और क्यों? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


कबीर ने ईश्वर-प्राप्ति के लिए किन प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है?


ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?


‘सुबरन कलश’ किसका प्रतीक है? मनुष्य को इससे क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?


मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?


‘तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में ऐसा प्रश्न कवि कब और क्यों करता है?


बालश्रम क्या है? ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं इसे रोकने के लिए आप कुछ सुझाव दीजिए।


‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर गाँव के उस सौंदर्य का वर्णन कीजिए जिसके कारण वे जन-मन को आकर्षित कर रहे हैं?


अलसी के लिए 'हठीली' विशेषण का प्रयोग क्यों किया गया है?


मेघों के लिए 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात क्यों कही गई है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×