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बच्चे की मुसकान और एक बड़े व्यक्ति की मुसकान में क्या अंतर है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

बच्चे की मुसकान और एक बड़े व्यक्ति की मुसकान में क्या अंतर है?

अति संक्षिप्त उत्तर
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उत्तर

बच्चे तथा बड़े व्यक्ति की मुसकान में निम्नलिखित अंतर होते हैं -

  1. बच्चों की मुस्कान निष्कपट और स्वाभाविक होती है, जो सभी को आकर्षित करती है।
  2. बड़ों की मुस्कान में अक्सर औपचारिकता या कृत्रिमता होती है।
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यह दंतुरित मुसकान
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भाव स्पष्ट कीजिए -

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात।


भाव स्पष्ट कीजिए -

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल?


मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए।


दंतुरित मुसकान से बच्चे की उम्र का अनुमान लगाइए और तर्क सहित उत्तर दीजिए।


बच्चे से कवि की मुलाकात का जो शब्द-चित्र उपस्थित हुआ है उसे अपने शब्दों में लिखिए।


यह दंतुरित मुसकान कविता में ‘बाँस और बबूल’ किसके प्रतीक बताए गए हैं? इन पर शिशु की मुसकान का के या असर होता है?


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“धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात........
छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”

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'दंतुरित मुस्कान' कविता में कवि को शिशु का धूल-धूसरित शरीर प्रतीत होता है?


'दंतुरित मुस्कान' का कवि स्वयं को चिर प्रवासी क्यों कह रहा है?


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

बच्चे की दंतुरित मुस्कान का किस-किस पर क्या-क्या प्रभाव पड़ता है? यह 'दंतुरित मुस्कान' कविता के आधार पर लिखिए।


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