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बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं रोधी में क्या अन्तर होता है?

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प्रश्न

बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं रोधी में क्या अन्तर होता है?

टीपा लिहा
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उत्तर

अचालक अथवा रोधी में संयोजक बैण्ड तथा चालक बैण्ड के मध्य ऊर्जा-अन्तर बहुत अधिक होता है, जबकि चालक में ऊर्जा-अन्तर अत्यन्त कम होता है या संयोजक बैण्ड तथा चालक बैण्ड के बीच अतिव्यापन होता है।

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विघुतीय गुण
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  1. इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
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  3. इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
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अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।

  1. इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  2. इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  3. विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।
  4. लेक्ट्रॉन रिक्तिका n- प्रकार अर्धचालक की चालकता बढ़ाती है

अभिकथन - अर्धचालक, 10-6 से 104 ohm-1 m-1 मध्यवर्ती परास की चालकता युक्त ठोस होते हैं।

तर्क - अर्धचालकों की मध्यवर्ती चालकता आंशिक रूप से भरे संयोजकता बैंड के कारण होती है।


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