Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
कृते + ______ = कृतयायाहि/कृत आयाहि।
Advertisements
उत्तर
कृते + आयाहि = कृतयायाहि/कृत आयाहि।
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेद्विद्याम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
सन्धिं कुरुत।
सत्पुरुषैः + इति = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तदेव = ______ + एव।
समानार्थकशब्दं चिनुत।
स्वापः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
प्रधानम् - ______
सन्धिं कुरुत।
वसुधा + एव = ______
एकवचने परिवर्तयत।
एताः न पूज्यन्ते।
एकवचने परिवर्तयत।
सर्वाः क्रियाः अफलाः।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोऽपि = ______ + अपि।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
अध्यापकः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इतोऽपि = ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
स्नानस्य - ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
सत्वरम् × ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
वयं वित्तकोषे धनस्य सङ्ग्रहं कुर्मः।
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
ग्रन्थालये कोषाय कृते एका विशाला कपाटिका विद्यते।
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
छात्राः ग्रन्थालये विविधं पुस्तकानि पश्यन्ति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीतोऽपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीताश्चेत् = ______
श्लोकात् 'क्त' प्रत्ययान्तरूपाणि (क. भू. धा. वि.) चिनुत लिखत च।
सन्धि कुरुत।
तस्य + आदिः (अ + आ) = ______
विशेषणं लिखत।
______ वारिणि।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
त्वं निद्रागमे निद्रासि।
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
स्वभावकृपणः - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
एकः मनुष्यः प्रतिवसति स्म। (स्म निष्कासयत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
अश्वः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वेदान्तम् = ______
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
काकः जलं (पा-पिब्) घटे उपविशति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
पितृ + ______ = पितृतम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
______ पूर्णे नेत्रे। (अश्रु)
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
आदित्यः गुरुम् ______ (अनु + सृ) देशान्तरम् अव्रजत्।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
बालकः ईश्वरं ______ (ध्यै) अभ्यासं प्रारभते।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
छात्रौ प्रार्थनां स्मरताम्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
बालाः सर्वदा गुरूणाम् आज्ञां पालयेयुः।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
आरोग्यं भास्करात् इच्छेत्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
भवेयुः
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
काकाय बलिः - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | ______ | अस्माभिः | तृतीया |
| ______ | कयोः | केषु | सप्तमी |
लकार-तालिकां पूरयत।
लङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | ______ | अपठाम् | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | आस्ताम् | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | ______ | अलभध्वम् | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
पूर्वमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
जनसङ्गश = ______ + च।
सन्धिकोषः।
इत्येव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
अधुनापि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तबलावादनेऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
कथमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
ज्ञानिनामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
अतस्ताम् = ______ + ताम्।
सन्धिकोषः।
समाप्तमन्वेषणकार्यम् = ______ + अन्वेषणकार्यम्।
सन्धिकोषः।
घटस्तावत् = घटः + ______।
सन्धिकोषः।
ततोऽजाभिः = ततः + ______।
सन्धिकोषः।
तस्याहम् = तस्य + ______।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सन्धिकोषः।
आगतास्मि = ______ + अस्मि।
सन्धिकोषः।
अथैकदा = ______ + एकदा।
सन्धिकोषः।
अयमध्ययनप्रत्यूहः = अयम् + ______।
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कृते = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
वि + रम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्पृह् = ______
