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प्रश्न
अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए।
भ्रष्टाचार
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उत्तर
- कानून के अनुसार जो उचित है उससे अधिक पैसे लेना, दूसरों को ठगना आदि दुर्व्यवहारों को 'भ्रष्टाचार' कहते हैं।
- यह आवश्यक नहीं है कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक स्वरूप का हो। यह सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक तथा सरकारी स्तर पर सब जगह होता है।
- अधिकारों का दुरुपयोग करना भी भ्रष्टाचार होता है। चुनाव में फर्जी मतदान करना, प्रलोभन देना अथवा स्वीकार करना, वस्तुओं का संग्रह करके अधिक कीमत पर बेचना आदि सभी कार्य, भ्रष्टाचार के अंतर्गत आते हैं।
- भारत में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या बन गई है। बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण लोकतंत्र से लोगों का विश्वास उठ सकता है।
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