Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अप्पू के कंचे सड़क पर कैसे बिखर गए?
Advertisements
उत्तर
दुकानदार ने कागज की पोटली में बाँधकर कंचे उसे दे दिए। जब वह पोटली छाती से लगाए जा रहा था तो उसने देखना चाहा कि क्या सभी कंचों पर लकीरें हैं। बस्ता नीचे रखकर जैसे ही उसने पोटली खोली तो सारे कंचे सड़क पर बिखर गए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पिता जी और लेखक के बड़े भाई किशन मन मारे क्यों बैठे थे?
गांधी जी ने आश्रम की स्थापना कब करनी चाही?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
पेट में पाए जाने वाले कीड़े किस बीमारी का कारण बनते हैं?
महाभारत के युद्ध में किसकी जीत हुई? (याद रखो कि इस युद्ध में दोनों पक्षों के लाखों लोग मारे गए थे।)
रोबोट ऐसे कौन-कौन से काम नहीं कर सकता जो मनुष्य कर सकता है?
क्या तुम्हारा जन्मदिन मनाया जाता है?
तुम्हारे स्कूल से भागने के कौन-कौन से बुरे परिणाम हो सकते हैं?
पाठ के आधार पर बताओ कि राजा को पुस्तकों से क्या खतरा था?
बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्यों?
डॉ. सेठी ने सुधा के लिए क्या किया?
नदी को उलटा लिखने से दीन होता है जिसका अर्थ होता है गरीब। आप भी पाँच ऐसे शब्द लिखिए जिसे उलटा लिखने पर सार्थक शब्द बन जाए। प्रत्येक शब्द के आगे संज्ञा का नाम भी लिखिए, जैसे-नदी-दीन (भाववाचक संज्ञा)।
आसपास की निर्जीव चीज़ों को ध्यान में रखकर कुछ संवाद लिखिए, जैसे-
• चॉक का ब्लैक बोर्ड से संवाद
• कलम का कॉपी से संवाद
• खिड़की का दरवाज़े से संवाद
इस कहानी का कोई और शीर्षक देना हो तो आप क्या देना चाहेंगे और क्यों?
द्विशाखा शब्द द्वि और शाखा के योग से बना है। द्वि का अर्थ है-दो और शाखा का अर्थ है- डाल। द्विशाखा पेड़ के तने का वह भाग है जहाँ से दो मोटी-मोटी डालियाँ एक साथ निकलती हैं। द्वि की भाँति आप त्रि से बननेवाला शब्द त्रिकोण जानते होंगे। त्रि का अर्थ है तीन। इस प्रकार, चार, पाँच, छह, सात, आठ, नौ और दस संख्यावाची संस्कृत शब्द उपयोग में अकसर आते हैं। इन संख्यावाची शब्दों की जानकारी प्राप्त कीजिए और देखिए कि क्या इन शब्दों की ध्वनियाँ अंग्रेज़ी संख्या के नामों से कुछ-कुछ मिलती-जुलती हैं, जैसे – हिंदी-आठ, संस्कृत-अष्ट, अंग्रेज़ी-एट।
तोत्तो-चान ने यासुकी-चान को ऊपर चढ़ाकर ही दम लिया। इसके लिए उसने क्या-क्या प्रयास किया?
पेड़ पर बैठे-बैठे यासुकी-चान और तोत्तो-चान क्या करते रहे?
हमारे यहाँ बहुत से काम लोग खुद नहीं करके किसी पेशेवर कारीगर से करवाते हैं। लेकिन गाँधी जी पेशेवर कारीगरों के उपयोग में आनेवाले औज़ार - छेनी, हथौड़े, बसूले क्यों खरीदना चाहते होंगे?
ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है। क्यों? पता लगाइए।
नीलकंठ की नृत्य-भंगिमा का शब्दचित्र प्रस्तुत करें।
आज़मगढ़ की ओर जाने का वीर कुंवर सिंह का क्या उद्देश्य था?
