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प्रश्न
आधार क्षेत्रफल A तथा ऊँचाई h के एक कॉर्क का बेलनाकार टुकड़ा ρ1 घनत्व के किसी द्रव में तैर रहा है। कॉर्क को थोड़ा नीचे दबाकर स्वतंत्र छोड़ देते हैं, यह दर्शाइए कि कॉर्क ऊपर-नीचे सरल आवर्त दोलन करता है जिसका आवर्तकाल `"T"=2\pi \sqrt { \frac { "h"\rho }{ \rho _{ 1 }"g" } } ` है।
यहाँ ρ कॉर्क का घनत्व है (द्रव की श्यानता के कारण अवमंदन को नगण्य मानिए।)
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उत्तर
द्रव में तैरते बेलनाकार बर्तन के दोलन - माना कॉर्क के टुकड़े का द्रव्यमान m है। माना साम्यावस्था में इसकी l लंबाई द्रव में डूबी है।
तैरने के सिद्धांत से, कॉर्क के डूबे भाग द्वारा हटाए गए द्रव का भार कॉर्क के भार के बराबर होगा,

Vρlg = mg
[∵ द्रव्यमान = आयतन × घनत्व ]
जहाँ V कॉर्क के दुबे भाग द्वारा हटाए गए द्रव का आयतन है।
यदि कॉर्क का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A है तो V = A × l ...(1)
∴ (Al)ρlg = mg अथवा Aρl l = m
जब कॉर्क को द्रव में नीचे की ओर दबाकर छोड़ा जाता है तो यह ऊपर-नीचे दोलन करने लगता है। माना किसी क्षण इसका साम्यावस्था से नीचे की ओर विस्थापन y है। इस स्थिति में, इसकी y लम्बाई द्वारा विस्थापित द्रव का उत्क्षेप बेलनाकार बर्तन को प्रत्यानयन बल (F) प्रदान करेगा।
अतः F = – A y ρ1 g
यहाँ पर ऋण चिह्न यह प्रदर्शित करता है कि प्रत्यानयन बल F, कॉर्क के टुकड़े के विस्थापन के विपरीत दिशा में लग रहा है; अतः टुकड़े का त्वरण
`alpha = "F"/"m" = (- ("A" "y")rho_"l""g")/"m"` ...(2)
∵ कॉर्क के टुकड़े घनत्व ρ व ऊंचाई h है ,
अतः m = A h ρ
∴ त्वरण `alpha = - ("A""y"rho_"l""g")/("Ah"rho) = ((rho_"l""g")/("h"rho))"y"` ...(3)
∵ `(rho_"l""g")/("h"rho)` एक नियतांक है ; अतः त्वरण ∝ (- y)
इस प्रकार कॉर्क के टुकड़े का त्वरण α, विस्थापन y के अनुक्रमानुपाती है तथा इसकी दिशा विस्थापन y के विपरीत है ; अतः कॉर्क के टुकड़े की गति सरल आवर्त गति है।
समीकरण (3) से, `("विस्थापन" ("y"))/("त्वरण" (alpha)) = ("h"rho)/(rho_"l""g")`
अतः कॉर्क का आवर्तकाल `("T") = 2pisqrt(("विस्थापन" ("y"))/("त्वरण" (alpha))) = 2pisqrt(("h"rho)/(rho_"l""g")`
तथा कॉर्क की आवृत्ति (ν) = `1/"T" = 1/(2pi)sqrt((rho_"l""g")/("h"rho))`
