Advertisements
Advertisements
प्रश्न
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6 s में 5 m/s−1 से 8 m/s−1 हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।
Advertisements
उत्तर
पिंड का द्रव्यमान = 100 kg
पिंड का प्रारंभिक वेग = 5m/s
पिंड का अंतिम वेग = 8m/s
समय = 6s
पिंड का प्रारंभिक संवेग = द्रव्यमान × वस्तु का प्रारंभिक वेग
= 100 × 5
= 500 kgm/s
पिंड का बाद में संवेग = 100 × 8
= 800 kgm/s
बल (F) = `"संवेग परिवर्तन"/"समय"`
= `(800-500)/6`
= `300/6`
= `100/2`
बल = 50N
संबंधित प्रश्न
किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं। क्यों?
100g और 200 g द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमशः 2 ms−1 और 1 ms−1 की वेग से गति कर रही हैं। दोनों वस्तुएँ टकरा जाती हैं। टक्कर के पश्चात् प्रथम वस्तु का वेग 1.67 ms−1 हो जाता है तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें।
बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?
200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 m s−1 से गति कर रही है। यह एक हॉकी स्टिक से इस प्रकार टकराती है कि यह 5 m s−1 के वेग से अपने प्रारंभिक मार्ग पर वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा आरोपित बल द्वारा हॉकी की गेंद में आये संवेग परिवर्तन के परिमाण का परिकलन कीजिए।
10g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 ms−1 के वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 s के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें।
एक 10 kg द्रव्यमान की घंटी 80 cm की ऊँचाई से फ़र्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फ़र्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms2 लें।
`2/3` ऊंचाई तक जल से भरा कोई टैंकर एकसमान चाल से गतिमान है। अचानक में भरा जल लगाने पर टैंक में भरा जल -
आपके पास एल्युमिनियम, स्टील तथा लकड़ी के बने समान आकृति तथा समान आयतन के तीन ठोस हैं। इनमें से किसका जड़त्व सबसे अधिक है?
मान लीजिए m द्रव्यमान की कोई गेंद आरंभिक चाल v से ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंकी गई है। उसकी चाल निरंतर शून्य होने तक घटती जाती है। इसके पश्चात् गेंद नीचे गिरने लगती है तथा पृथ्वी पर गिरने से पूर्व वह पुनः v चाल प्राप्त कर लेती है। इससे यह ध्वनित होता है कि गेंद के आरंभिक तथा अंतिम संवेग परिमाण में समान हैं। तथापि, यह संवेग संरक्षण नियम का उदाहरण नहीं है। स्पष्ट कीजिए, क्यों?
M द्रव्यमान के किसी ट्रक को F बल द्वारा प्रचालित किया गया है। यदि अब इस ट्रक पर ट्रक के द्रव्यमान के बराबर द्रव्यमान का कोई पिंड लादा जाता है तथा चालक बल आधा कर दिया जाता है, तो त्वरण में क्या परिवर्तन होगा?
